सिंधु जल संधि स्थगित होने के बाद पाकिस्तान पर मंडराया जल संकट, बाढ़ ने बदली पूरी कहानी

भारत द्वारा सिंधु जल संधि को रोकने के बाद पाकिस्तान को भीषण जल संकट का सामना करना था, लेकिन अगस्त 2025 में आई बाढ़ ने हालात बदल दिए और जलाशय लगभग लबालब हो गए।

पाकिस्तान में गहराया था पानी का डर

पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत सरकार ने सिंधु जल संधि को स्थगित करने का साहसी फैसला लिया था। इस निर्णय का सीधा असर पाकिस्तान की जल सुरक्षा पर पड़ा और वहां के सरकारी गलियारों में खलबली मच गई। पाकिस्तान के आधिकारिक दस्तावेजों के अनुसार, 2025 के खरीफ सीजन की शुरुआत में ही अधिकारियों ने 21 फीसदी तक पानी की कमी की आशंका जता दी थी। झेलम और चिनाब नदियों में गिरते जल स्तर ने पंजाब और सिंध जैसे प्रांतों के किसानों की चिंताएं बढ़ा दी थीं, क्योंकि वहां की सिंचाई व्यवस्था पूरी तरह इसी पानी पर टिकी है।

प्रकृति की मेहरबानी और बाढ़ का असर

जिस संकट के साये में पाकिस्तान जी रहा था, उसे प्रकृति ने कुछ ही महीनों में पलट दिया। ऊपरी इलाकों में बर्फ के तेजी से पिघलने और अगस्त 2025 में आई भीषण बाढ़ ने स्थिति को बिल्कुल विपरीत कर दिया। पाकिस्तान ने सीजन के लिए 104.03 मिलियन एकड़ फीट (MAF) पानी का अनुमान लगाया था, लेकिन उसे 122.36 MAF पानी प्राप्त हुआ, जो उम्मीद से 18 फीसदी अधिक था। सितंबर 2025 तक पाकिस्तान के प्रमुख जलाशय लगभग 99 फीसदी तक भर चुके थे।

टरबेला डैम की घटती क्षमता बनी असली चुनौती

हालांकि बाढ़ ने तत्काल राहत दी है, लेकिन पाकिस्तान की जल सुरक्षा का भविष्य अब भी खतरे में है। टरबेला डैम, जो पाकिस्तान की सिंचाई और बिजली का मुख्य आधार है, अपनी क्षमता खो रहा है। एक समय में इसकी लाइव स्टोरेज क्षमता 9.68 MAF थी, जो अब घटकर मात्र 5.73 MAF रह गई है। इसमें लगभग 48 फीसदी की कमी तलछट जमा होने के कारण आई है।

खाद्य सुरक्षा पर मंडराता खतरा

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, मई 2022 में टरबेला की क्षमता 5.827 MAF थी, जो मार्च 2026 तक घटकर 5.580 MAF पर आ गई है। चूंकि पाकिस्तान की 90 फीसदी कृषि सिंधु नदी प्रणाली पर निर्भर है, इसलिए जलाशयों की घटती क्षमता देश की खाद्य सुरक्षा के लिए एक बड़ा संकट बन सकती है। विशेषज्ञों का स्पष्ट मानना है कि बाढ़ से पानी तो मिल सकता है, लेकिन बांधों में जमा हो रही गाद या तलछट का समाधान नहीं हो सकता, जो भविष्य में पाकिस्तान के लिए बड़ी मुसीबत साबित होगा।

https://hindi.news18.com/world/pakistan-pakistan-water-crisis-indus-treaty-floods-saved-country-tarbela-dam-danger-explainer-ws-kln-10600766.html