जमशेदपुर: स्कूटी पर हेल्दी शेक्स बेचकर छाईं 25 साल की मोनिका, अनोखे स्लोगन ने जीता ग्राहकों का दिल

जमशेदपुर की मोनिका ने नौकरी छोड़कर खुद का स्टार्टअप शुरू किया है और अब वह अपनी स्कूटी पर फूड कार्ट लगाकर रोजाना ताजे फल और शेक्स बेच रही हैं।

नौकरी छोड़कर चुना खुद का रास्ता

आजकल के युवा केवल पारंपरिक नौकरियों तक ही सीमित नहीं रहना चाहते हैं। जमशेदपुर की 25 वर्षीय मोनिका ने यह साबित कर दिखाया है कि अगर इरादे पक्के हों तो अपना काम शुरू करके भी सफलता हासिल की जा सकती है। मोनिका ने पहले एक इंश्योरेंस कंपनी में काम किया था, लेकिन काम के दबाव और सीमित आमदनी के कारण उन्होंने अपनी नौकरी छोड़ने का साहसी फैसला लिया और अपने स्टार्टअप का सफर शुरू किया।

स्कूटी से शुरू किया अनोखा स्टार्टअप

मोनिका ने अपने काम को बेहद खास ढंग से अंजाम दिया है। वह अपनी स्कूटी पर ही फूड कार्ट लगाकर ग्राहकों को स्वस्थ विकल्प उपलब्ध कराती हैं। उनका स्टॉल रोज सुबह 6 बजे एग्रीको ट्रांसपोर्ट मैदान के पास लगता है। उनके मेन्यू में कई तरह के हेल्दी ड्रिंक्स और स्नैक्स शामिल हैं:

  • फ्रेश कोकोनट मिल्क
  • ताजे कटे फलों के शेक्स
  • इन्फ्यूज्ड वाटर
  • जामुन शॉट्स

एक घंटे में बिक जाते हैं 100 से ज्यादा शेक्स

मोनिका की मेहनत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उनके स्टॉल पर ग्राहकों की भारी भीड़ उमड़ती है। वह अपना सारा सामान और सेटअप खुद ही संभालती हैं। उनकी लोकप्रियता का आलम यह है कि महज एक घंटे के भीतर ही उनके 100 से ज्यादा शेक्स और फ्रूट्स बिक जाते हैं। आज वह जमशेदपुर के युवाओं के लिए एक मिसाल बन गई हैं जो खुद के दम पर कुछ बड़ा करने का सपना देखते हैं।

मार्केटिंग का अनूठा तरीका

मोनिका का काम करने का अंदाज ग्राहकों को खासा प्रभावित कर रहा है। उन्होंने अपने स्टॉल पर एक बहुत ही दिलचस्प लाइन लिखी है, ‘धोखा खाने से अच्छा, फ्रूट्स खा लो।’ उनका यह अनोखा स्लोगन लोगों को आकर्षित करने के साथ-साथ उनके चेहरे पर मुस्कान भी बिखेर देता है। मोनिका की सफलता यह संदेश देती है कि अगर मेहनत सच्ची हो और विचार नया हो, तो एक छोटा कदम भी बड़ा बदलाव ला सकता है।

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