गिरफ्तारी और कार्रवाई
कोलकाता में हुए भीषण गोदाम हादसे के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इन आरोपियों की पहचान सैय्यद गुलजार, मोहम्मद अताउल और सुभाष चौधरी के रूप में हुई है। तारातला ट्रांसपोर्ट डिपो के निकट निर्माणाधीन गोदाम गिरने की इस घटना में अब तक 5 लोगों के मरने की पुष्टि हुई है। राहत और बचाव कार्य के दौरान मलबे से 20 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया, जिनमें से 18 लोगों की हालत फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है, जबकि 2 घायलों की स्थिति गंभीर बनी हुई है।
अस्पताल पहुंचे मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने एसएसकेएम हॉस्पिटल पहुंचकर घायलों का हालचाल जाना है। मुख्यमंत्री ने बताया कि मलबे में अभी भी कुछ और लोगों के दबे होने की आशंका है, जिसके चलते तलाशी अभियान जारी है। इस घटना की गहन जांच के लिए एक एसआईटी का गठन कर दिया गया है। इसके अलावा, पूरे बंगाल में 31 जून तक सभी प्रकार के निर्माण कार्यों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है।
रेस्क्यू ऑपरेशन की स्थिति
तारातला घटनास्थल पर एनडीआरएफ, भारतीय सेना, कोलकाता पुलिस और अन्य राहत एजेंसियां मिलकर रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं। फंसे हुए लोगों का पता लगाने के लिए जमीन के नीचे वर्टिकल ड्रिल का सहारा लिया गया है। बचाव कार्य के दौरान एक मजदूर को मलबे के नीचे से जीवित बाहर निकाला गया, जिसे ऑक्सीजन और सलाइन देकर तुरंत अस्पताल भेजा गया है। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि अभी तक किसी नए व्यक्ति के मलबे में होने के संकेत नहीं मिले हैं, लेकिन खोजबीन का काम जारी है।
घटिया निर्माण सामग्री का आरोप
अग्निशमन विभाग के अधिकारियों ने आशंका जताई है कि निर्माणाधीन 3 मंजिला गोदाम की छत कास्टिंग के दौरान इसलिए ढह गई क्योंकि इसमें बेहद घटिया निर्माण सामग्री का इस्तेमाल किया गया था। फिलहाल, कोलकाता पुलिस, आपदा प्रबंधन टीम और दमकल विभाग के कर्मचारी युद्ध स्तर पर बचाव कार्य को अंजाम दे रहे हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई अन्य व्यक्ति मलबे में फंसा न रहे।
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