ब्यावर: युवती पर हमले के मामले में पुलिस का घेराव, आरोपी को वीआईपी ट्रीटमेंट देने का आरोप

ब्यावर के निंबोल गांव में युवती पर जानलेवा हमले के आरोपी को निजी वाहन में लाए जाने पर ग्रामीण भड़क गए। पीड़िता के शरीर पर 17 घाव हैं और उसका इलाज जोधपुर एम्स में चल रहा है।

मामले की पृष्ठभूमि

ब्यावर जिले के निंबोल गांव में एक युवती पर चाकू से किए गए हमले का मामला अब गरमा गया है। 22 जून को हुई इस घटना में पीड़िता गंभीर रूप से घायल हो गई थी। डॉक्टरों के अनुसार, हमले में युवती के चेहरे और शरीर के अन्य हिस्सों पर कुल 17 घाव आए हैं। वर्तमान में युवती का इलाज जोधपुर एम्स में किया जा रहा है, जहां उसकी स्थिति नाजुक बनी हुई है।

पुलिस पर वीआईपी ट्रीटमेंट के आरोप

जांच के सिलसिले में जब पुलिस आरोपी को घटनास्थल का सत्यापन कराने के लिए गांव लेकर पहुंची, तो ग्रामीणों ने विरोध शुरू कर दिया। ग्रामीणों का मुख्य आक्रोश इस बात पर था कि पुलिस आरोपी को सरकारी वाहन के स्थान पर एक निजी गाड़ी में लेकर आई थी। लोगों ने इसे आरोपी को दी जाने वाली विशेष सुविधा या वीआईपी ट्रीटमेंट करार दिया है।

ग्रामीणों का आक्रोश और पुलिस का घेराव

जैसे ही निजी गाड़ी में आरोपी के आने की खबर फैली, बड़ी संख्या में स्थानीय निवासी जमा हो गए। ग्रामीणों ने पुलिस को घेर लिया और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस का यह रवैया आरोपी को बचाने और उसे संरक्षण देने जैसा है।

  • ग्रामीणों की मुख्य मांग निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की है।
  • पुलिस की कार्यप्रणाली पर स्थानीय निवासियों ने सवाल उठाए हैं।
  • पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है।

प्रशासन का रुख

पुलिस प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की जांच नियमों के दायरे में रहकर की जा रही है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि घटना के हर पहलू की बारीकी से जांच की जाएगी और किसी भी तरह की कोताही नहीं बरती जाएगी। फिलहाल, निंबोल गांव और आसपास के क्षेत्रों में इस घटना के बाद से तनावपूर्ण स्थिति है और लोगों की नजरें आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं।

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