हिमाचल प्रदेश में टला हड़ताल का संकट, HRTC कर्मचारियों और सरकार के बीच बनी सहमति

हिमाचल पथ परिवहन निगम के कर्मचारियों की प्रस्तावित हड़ताल को सरकार के साथ हुई सफल बातचीत के बाद वापस ले लिया गया है। अधिकांश मांगों पर सहमति बनने के बाद अब चक्का जाम नहीं होगा।

सरकार और कर्मचारी यूनियन के बीच बनी बात

हिमाचल प्रदेश में परिवहन व्यवस्था पर मंडरा रहा हड़ताल का संकट खत्म हो गया है। हिमाचल पथ परिवहन निगम यानी HRTC के कर्मचारी और सरकार के प्रतिनिधियों के बीच हुई बैठक में अधिकांश मांगों पर सहमति बन गई है। इस सकारात्मक बातचीत के बाद यूनियन ने अपनी प्रस्तावित हड़ताल को रद्द करने का फैसला लिया है।

प्रमुख मांगों पर मिला आश्वासन

यूनियन प्रमुख मान सिंह ने इस संबंध में जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि सरकार ने कर्मचारियों की मुख्य मांगों को मान लिया है, जिससे स्थिति सामान्य हो गई है। बैठक की मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं:

  • नाइट ओवर टाइम: कर्मचारियों को पिछले 12 माह के नाइट ओवर टाइम का भुगतान करने का पूरा आश्वासन दिया गया है।
  • वेतन का भुगतान: सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि भविष्य में कर्मचारियों को हर महीने की पहली तारीख को ही वेतन मिल जाएगा।
  • स्थानांतरण पर निर्णय: हाल ही में किए गए कर्मचारियों के तबादलों को लेकर भी सरकार सहमत हो गई है और अगले एक से दो दिनों के भीतर ये आदेश वापस ले लिए जाएंगे।

अब नहीं होगा चक्का जाम

इस समझौते के बाद प्रदेश भर में परिवहन सेवाएं सुचारू रूप से चलती रहेंगी। HRTC कर्मचारियों ने स्पष्ट किया है कि अब किसी भी तरह का चक्का जाम नहीं किया जाएगा, जिससे आम यात्रियों को राहत मिलेगी। सरकार के इस कदम से सरकारी परिवहन व्यवस्था में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।

https://hindi.news18.com/news/himachal-pradesh/shimla-hrtc-employees-strike-called-off-local18-10600351.html