बाजार से नदारद हुआ खरबूजा
अंबाला में इस बार निर्जला एकादशी का त्योहार परंपरा और महंगाई के बीच उलझा नजर आ रहा है। दान-पुण्य के इस महापर्व पर श्रद्धालु अपनी आस्था तो दिखा रहे हैं, लेकिन बाजारों में खरबूजे की कमी ने उनके माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। श्रद्धालुओं के लिए जो फल इस दिन सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है, वही इस बार बाजार में ढूंढने से भी नहीं मिल रहा है।
महंगाई की मार से बढ़ी परेशानी
अंबाला शहर सब्जी और फ्रूट मंडी के प्रधान अमरनाथ के अनुसार, इस बार खरबूजे की पैदावार उम्मीद से काफी कम हुई है। स्थिति यह है कि 10 जून के बाद से मंडी में खरबूजे की आवक लगभग पूरी तरह से रुक गई है। फल की कमी का सीधा असर इसकी कीमतों पर देखने को मिल रहा है।
कीमतों में हुआ भारी इजाफा
बाजार में खरबूजे की उपलब्धता न होने की वजह से इसके दाम आसमान छू रहे हैं। जो खरबूजा कुछ ही दिन पहले तक 25 रुपये प्रति किलो के भाव पर आसानी से उपलब्ध था, आज वह 80 से 100 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है। अचानक आई इस महंगाई और आवक की कमी ने आम लोगों और दान करने वाले श्रद्धालुओं को बड़ी मुसीबत में डाल दिया है।
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