अफवाहों पर सरकार की दो टूक
पेट्रोल में एथेनॉल के मिश्रण यानी E20 फ्यूल को लेकर सोशल मीडिया और आम चर्चाओं में चल रही गलत जानकारियों पर केंद्र सरकार ने पूर्ण विराम लगा दिया है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि E20 पेट्रोल का इस्तेमाल करने से वाहन के बीमा यानी इंश्योरेंस क्लेम पर किसी भी प्रकार का नकारात्मक असर नहीं पड़ता है। मंत्रालय ने इन दावों को पूरी तरह आधारहीन और गलत करार दिया है कि इस ईंधन के उपयोग से इंश्योरेंस पॉलिसी अमान्य हो जाती है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफल प्रयोग
सरकार ने इस बात पर जोर दिया है कि एथेनॉल मिश्रित ईंधन का उपयोग केवल भारत में ही नहीं, बल्कि दुनिया के कई विकसित देशों में काफी पहले से किया जा रहा है। अमेरिका, जापान और ब्राजील जैसे देश लंबे समय से एथेनॉल युक्त पेट्रोल का उपयोग सफलतापूर्वक कर रहे हैं। विशेष रूप से ब्राजील में E27 ईंधन का उपयोग सामान्य रूप से होता है। इन देशों के अनुभव से यह साबित होता है कि यह ईंधन वाहनों के लिए सुरक्षित है।
आर्थिक और पर्यावरण को हो रहा लाभ
एथेनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम के माध्यम से देश को कई बड़े लाभ मिले हैं, जिनका विवरण सरकार ने इस प्रकार दिया है:
- विदेशी मुद्रा की बचत: इस कार्यक्रम के कारण भारत अब तक 1.4 लाख करोड़ रुपये से अधिक की विदेशी मुद्रा बचाने में कामयाब रहा है।
- आयात में कमी: कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता घटने से भारत का आयात बिल कम हुआ है।
- ऊर्जा सुरक्षा: देश की ऊर्जा सुरक्षा व्यवस्था पहले के मुकाबले अधिक मजबूत हुई है।
- किसानों की आय: एथेनॉल के उत्पादन के लिए मक्का, गन्ना और अन्य कृषि उत्पादों की मांग बढ़ने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था और किसानों की आय में सीधे तौर पर बढ़ोत्तरी हुई है।
पर्यावरण के लिए बेहतर कदम
सरकार का मानना है कि पेट्रोल में एथेनॉल का मिश्रण न केवल आर्थिक दृष्टि से फायदेमंद है, बल्कि यह कार्बन उत्सर्जन को कम करने में भी मदद कर रहा है। स्वच्छ ईंधन की दिशा में यह एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है, जिससे आने वाले समय में प्रदूषण को नियंत्रित करने में बड़ी सफलता मिलेगी। सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे E20 ईंधन को लेकर फैलाई जा रही अफवाहों पर ध्यान न दें।
https://www.indiatv.in/paisa/auto/e20-fuel-is-completely-safe-insurance-claims-will-not-be-affected-says-government-2026-06-24-1227129