अलीगंज अग्निकांड पर सियासी घमासान
लखनऊ के अलीगंज में हुए भीषण अग्निकांड में 15 लोगों की जान जाने के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति गर्मा गई है। प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए उन्हें इस दुखद घटना पर राजनीति न करने की सलाह दी है। ब्रजेश पाठक ने कहा कि जहां एक तरफ 15 लोगों ने अपनी जान गंवा दी है, वहीं दूसरी तरफ अखिलेश यादव एसी कमरों में बैठकर केवल सियासत कर रहे हैं।
भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप
डिप्टी सीएम ने दावा किया कि यह हृदयविदारक घटना पिछली सरकार के भ्रष्टाचार और कुकृत्यों का जीता-जागता प्रमाण है। उन्होंने आरोप लगाया कि अलीगंज की इस अवैध इमारत का निर्माण और नक्शा पास करने का पूरा खेल अखिलेश यादव की सरकार के दौरान हुआ था। उन्होंने विस्तार से बताया कि:
- 20 अगस्त 2014 को 1992 वर्गफुट का आवासीय नक्शा पास किया गया था।
- 10 मई 2016 को अवैध निर्माण के चलते ध्वस्तीकरण के आदेश दिए गए थे।
- 5 जुलाई 2016 को मात्र दो महीने के भीतर उस ध्वस्तीकरण के आदेश को रद्द कर दिया गया था।
ब्रजेश पाठक का आरोप है कि सैटेलाइट तस्वीरों से स्पष्ट होता है कि कैसे नियम-कानूनों को ताक पर रखकर 2016 में तेजी से अवैध निर्माण किया गया, जो तत्कालीन सरकार की मिलीभगत के बिना संभव नहीं था।
योगी सरकार की त्वरित कार्रवाई
डिप्टी सीएम ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना की गंभीरता को समझते हुए अपने सभी कार्यक्रम रद्द किए और वे स्वयं मौके पर पहुंचे। पीड़ित परिवारों को सांत्वना देने के साथ ही प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से कड़े कदम उठाए हैं:
- घटना के संबंध में चार अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है।
- पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए मुख्यमंत्री द्वारा एसआईटी का गठन किया गया है।
- दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
सरकार ने पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद और न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया है।
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