बैलिस्टा स्पाइडर का अनोखा शिकारी अंदाज
वैज्ञानिकों ने उत्तरी ऑस्ट्रेलिया के घने वर्षावनों में मकड़ी की एक बेहद विलक्षण प्रजाति की खोज की है। इस मकड़ी की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह केवल ग्रीन ट्री एंट नामक चींटियों को ही अपना निशाना बनाती है। जहां अन्य मकड़ियां अपने जाल में हर तरह के कीड़ों को फंसाने की कोशिश करती हैं, वहीं यह मकड़ी अपनी भोजन की आदतों को लेकर बेहद चुनिंदा है।
स्प्रिंग की तरह काम करता है जाल
शोधकर्ताओं के अनुसार, यह मकड़ी दिन भर पत्तियों के नीचे छिपकर बिताती है। रात होने पर यह एक विशेष प्रकार का रेशमी जाल तैयार करती है, जिसे बनाने में इसे कई घंटों का समय लगता है। यह जाल साधारण जालों से बिल्कुल अलग होता है। इसकी संरचना एक कोन के आकार की होती है और यह एक स्प्रिंग की तरह काम करता है। जैसे ही कोई चींटी इस जाल को काटती या स्पर्श करती है, जाल का लचीलापन सक्रिय हो जाता है और वह चींटी को तेजी से अंदर की ओर खींचकर फंसा लेता है। इसके बाद मकड़ी शिकार को आसानी से लपेट लेती है।
क्यों पड़ा बैलिस्टा नाम?
वैज्ञानिकों ने इस मकड़ी को बैलिस्टा स्पाइडर नाम दिया है। यह नाम रोमन काल में इस्तेमाल होने वाले एक प्राचीन हथियार बैलिस्टा से प्रेरित है, जिसका उपयोग तीर या पत्थर दागने के लिए किया जाता था। शोध में यह भी संकेत मिले हैं कि मकड़ी अपने जाल में एक विशेष प्रकार का रसायन छोड़ती है, जो चींटियों को अपनी ओर आकर्षित करता है और उन्हें हमला करने के लिए उकसाता है।
प्रकृति की अद्भुत रणनीति
विशेषज्ञों का मानना है कि यह शायद दुनिया का पहला ऐसा मकड़ी का जाल है जिसे केवल एक विशेष शिकार को पकड़ने के लिए ही विकसित किया गया है। यह खोज प्रकृति की उन जटिल और अद्भुत रणनीतियों को दर्शाती है, जिनका उपयोग जीव अपने अस्तित्व और भोजन की तलाश के लिए करते हैं। यह शोध यह भी बताता है कि किस प्रकार एक छोटा सा जीव अपनी मेहनत से शिकार को खुद अपने जाल में आने के लिए मजबूर कर सकता है।
https://hindi.news18.com/world/rest-of-world-unique-new-species-of-spider-that-feeds-on-a-specific-type-of-ant-discovered-in-australia-10596718.html