शनि की वक्री चाल और इसका प्रभाव
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शनि देव को कर्मों के आधार पर फल देने वाला और न्याय का देवता माना जाता है। जुलाई के महीने में शनि देव मीन राशि में वक्री यानी अपनी उल्टी चाल चलेंगे। इस खगोलीय बदलाव का असर सभी राशियों पर पड़ेगा, लेकिन तीन राशियों के लिए यह समय चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
इन 3 राशियों को रहना होगा सतर्क
देवघर के ज्योतिषाचार्य पंडित नंदकिशोर मुद्गल के अनुसार, शनि की यह वक्री स्थिति कुंभ, मीन और मेष राशि वालों के जीवन में उतार-चढ़ाव ला सकती है।
- कुंभ राशि: इस राशि के नौकरीपेशा लोगों पर काम का दबाव बढ़ सकता है और अधिकारियों के साथ मतभेद होने की आशंका है। व्यापार में भी नए सौदे करते समय सावधानी बरतनी होगी।
- मीन राशि: शनि की उल्टी चाल से मन अशांत रह सकता है और बनते हुए कामों में देरी हो सकती है। अनावश्यक खर्च और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां जैसे सिरदर्द व थकान से सावधान रहने की जरूरत है।
- मेष राशि: इस राशि के जातकों के लिए यह समय धैर्य की परीक्षा का होगा। कार्यस्थल पर प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और करीबी लोगों के साथ गलतफहमी की स्थिति पैदा हो सकती है।
जुलाई में बरतें सावधानी
ज्योतिषियों की सलाह है कि इस दौरान किसी भी तरह के बड़े निर्णय जल्दबाजी में लेने से बचें। मानसिक दबाव को कम करने के लिए धैर्य बनाए रखना बेहद जरूरी है। आर्थिक मामलों में जोखिम लेने से बचें और अपने परिवार व कार्यस्थल पर अपनी वाणी पर नियंत्रण रखें।
राहत के लिए करें ये उपाय
शनि देव के नकारात्मक प्रभाव को कम करने और मानसिक शांति पाने के लिए हनुमान चालीसा का पाठ करना अत्यंत लाभकारी माना गया है। पंडित जी के अनुसार, एक सौ बार हनुमान चालीसा का पाठ करने से शनि के दोष शांत होते हैं और जीवन में सकारात्मकता आती है।
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