चित्रकूट में जैविक खेती को मिलेगा बढ़ावा
बुंदेलखंड के चित्रकूट जिले में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने और ग्रामीण स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा करने के लिए कृषि विभाग ने एक नई पहल की है। जिले में बायो इनपुट रिसोर्स सेंटर (BRC) की स्थापना के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य स्थानीय स्तर पर जैविक खाद और कीटनाशकों का उत्पादन कर किसानों तक उनकी पहुँच आसान बनाना है।
कौन कर सकता है आवेदन
इस योजना के तहत निम्नलिखित संस्थाएं और व्यक्ति आवेदन करने के पात्र हैं:
- ग्राम पंचायत गौशालाएं
- किसान उत्पादक संगठन (FPO)
- स्वयं सहायता समूह
- पैक्स समितियां
- प्राकृतिक खेती से जुड़े प्रगतिशील किसान
- ग्रामीण उद्यमी
आवेदन करने वालों के लिए यह अनिवार्य है कि वे पहले से प्राकृतिक खेती कर रहे हों और उन्हें जैविक इनपुट तैयार करने का अनुभव हो। इसके अलावा, आवेदक के पास कम से कम 10 या उससे अधिक गौवंश होना आवश्यक है, क्योंकि जैविक उत्पादों के निर्माण में मुख्य रूप से गोबर और गोमूत्र का उपयोग होता है।
मिलेंगे ये लाभ
चयनित बीआरसी संचालकों को अपना केंद्र स्थापित करने और उसे संचालित करने के लिए एक लाख रुपये तक का अनुदान प्रदान किया जाएगा। इन केंद्रों के जरिए जीवामृत, घनजीवामृत, नीमास्त्र और अन्य जैविक उत्पाद तैयार किए जाएंगे, जो रासायनिक खादों और कीटनाशकों का एक प्रभावी और सस्ता विकल्प साबित होंगे। इससे किसानों की खेती की लागत कम होगी और मुनाफा बढ़ेगा। साथ ही, संचालक इन जैविक उत्पादों की बिक्री करके अतिरिक्त कमाई भी कर सकेंगे और अन्य किसानों को प्रशिक्षण देने का कार्य भी करेंगे।
आवेदन की अंतिम तिथि
उप कृषि निदेशक कार्यालय चित्रकूट के अनुसार, इच्छुक आवेदकों को अपने आवेदन पत्र के साथ तैयार किए गए बायो इनपुट्स की तस्वीरें संलग्न करनी होंगी। आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 27 जून 2026 है। सभी इच्छुक व्यक्ति और संस्थाएं शाम 5 बजे तक अपने दस्तावेज उप कृषि निदेशक कार्यालय में जमा कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद पात्र संचालकों का चयन किया जाएगा।
https://hindi.news18.com/news/uttar-pradesh/chitrakoot-government-give-rs-1-lakh-assistance-you-money-earn-by-opening-a-bio-input-resource-centrer-village-such-application-local18-ws-l-10595310.html