पर्यावरण बचाने की अनूठी मुहिम
पाली के बीसलपुर गांव के रहने वाले कानाराम मेवाड़ा ने प्लास्टिक प्रदूषण के खिलाफ एक ऐसी जंग शुरू की है जो आज न केवल पर्यावरण के लिए फायदेमंद साबित हो रही है, बल्कि रोजगार का जरिया भी बन गई है। उन्होंने गांवों, स्कूलों और पर्यटन केंद्रों से भारी मात्रा में प्लास्टिक की बोतलें और पॉलिथीन इकट्ठा करके उन्हें रीसाइकिल करने का नया तरीका निकाला है।
वेस्ट से बेस्ट बनाने का सफर
कानाराम मेवाड़ा ने विभिन्न सामाजिक संस्थाओं और भामाशाहों की मदद से मशीनें जुटाईं। इन मशीनों की सहायता से उन्होंने अब तक 10 टन प्लास्टिक को रीसाइकिल कर लिया है। इस कचरे से उन्होंने बेहद मजबूत टेबल और कुर्सियां तैयार की हैं, जो आज पार्कों, मंदिरों और रेलवे स्टेशनों पर इस्तेमाल की जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने की सराहना
कानाराम की इस कामयाबी से राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी काफी प्रभावित हुए हैं। उन्होंने न केवल उनके काम की सराहना की है, बल्कि भविष्य में हर संभव मदद का भरोसा भी दिलाया है। कानाराम का यह प्रयास इलाके के लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गया है और यह स्वच्छता के प्रति लोगों को जागरूक कर रहा है।
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