सही गमले का चयन करें
एलोवेरा के पौधे के लिए मिट्टी या सीमेंट का गमला सबसे बेहतर विकल्प होता है, क्योंकि इनमें हवा का संचार अच्छा बना रहता है। गमले का आकार मध्यम रखें, जिसकी गहराई कम से कम 8-10 इंच होनी चाहिए। इस बात का विशेष ध्यान रखें कि गमले की तली में पानी निकासी के लिए पर्याप्त छेद हो, ताकि अतिरिक्त पानी बाहर निकल सके।
मिट्टी का मिश्रण तैयार करना
एलोवेरा एक सकुलेंट पौधा है, जो अपनी पत्तियों में नमी संचित रखता है। इसे ऐसी मिट्टी की आवश्यकता होती है जिसमें पानी न रुके। इसके लिए 50 प्रतिशत सामान्य मिट्टी, 30 प्रतिशत बालू और 20 प्रतिशत गोबर की खाद मिलाकर मिश्रण तैयार करें। यह मिश्रण पौधे की जड़ों को सड़ने से बचाता है और विकास में मदद करता है।
लगाने की प्रक्रिया
यदि आप नर्सरी से पौधा लाए हैं या किसी पुराने पौधे की छोटी शाखा का उपयोग कर रहे हैं, तो पहले गमले के छेद पर कोई कंकड़ या दीया रखें। गमले को तैयार मिट्टी से आधा भरें, पौधे को केंद्र में सीधा रखें और किनारों से मिट्टी डालकर हल्के हाथों से दबाएं। पौधे के निचले हिस्से को मिट्टी के बहुत अधिक अंदर न दबाएं।
पानी देने का सही नियम
एलोवेरा के सूखने का सबसे बड़ा कारण अधिक पानी देना है। पहली बार पौधा लगाने के बाद थोड़ा पानी दें। इसके बाद दोबारा पानी तभी डालें जब गमले की ऊपरी मिट्टी पूरी तरह सूखी नजर आए।
धूप और स्थान
एलोवेरा के बेहतर विकास के लिए इसे ऐसी जगह रखें जहां रोजाना 3-4 घंटे की पर्याप्त धूप इसे मिलती रहे। तेज रोशनी इस पौधे की ग्रोथ के लिए बहुत जरूरी है।
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