इतिहास के पन्नों में दर्ज बरेली जेल
उत्तर प्रदेश की बरेली जिला जेल का एक लंबा और गौरवशाली इतिहास रहा है। वर्ष 1841 में ब्रिटिश शासन के दौरान बनाई गई यह जेल भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के कई महत्वपूर्ण आंदोलनों की गवाह रही है। अंग्रेजों ने इस जेल का निर्माण विशेष रणनीतिक स्थान पर किया था, जिसे पुलिस लाइन्स और कचहरी के नजदीक रखा गया था ताकि किसी भी विद्रोह या जन-आंदोलन पर तुरंत काबू पाया जा सके।
स्वतंत्रता सेनानियों का रहा है नाता
इस ऐतिहासिक जेल की कोठरियों में देश के कई दिग्गज नेताओं और स्वतंत्रता सेनानियों को कैद रखा गया था। इनमें भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू, खान अब्दुल गफ्फार खान, गोविंद बल्लभ पंत, एमएन रॉय, महावीर त्यागी और मशहूर लेखक यशपाल जैसे नाम शामिल हैं। यह स्थान भारतीय स्वाधीनता संघर्ष की यादों को आज भी अपने भीतर सहेजे हुए है।
नई सुविधाओं के साथ जेल का पुनरुद्धार
लंबे समय तक सेवा देने के बाद अब इस जेल को पूरी तरह से हाईटेक बनाया गया है। सरकार ने इसके आधुनिकीकरण पर 173 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। जेल की नई संरचना के साथ ही इसकी क्षमता को भी बढ़ाया गया है, जिससे अब यहां एक साथ 2579 कैदी रह सकेंगे। आधुनिक सुरक्षा और सुविधाओं के साथ यह जेल अब फिर से सक्रिय हो चुकी है, जो न केवल सुरक्षा के लिहाज से पुख्ता है बल्कि कैदियों के सुधार के लिए भी आधुनिक मानकों पर खरी उतरती है।
https://hindi.news18.com/news/uttar-pradesh/bareilly-historic-185-year-old-city-jail-gone-high-tech-undergone-transformation-173-crore-unique-blend-of-history-modernity-new-city-jail-represents-local18-ws-l-10595188.html