निर्जला एकादशी का महत्व और राजयोग
साल की सबसे महत्वपूर्ण और कठिन मानी जाने वाली निर्जला एकादशी इस वर्ष 25 जून 2026 को मनाई जाएगी। इस दिन भक्त बिना अन्न और जल के उपवास रखकर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की आराधना करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन का व्रत घर में सुख और समृद्धि लाता है। खास बात यह है कि इस वर्ष निर्जला एकादशी पर नवपंचम राजयोग का निर्माण हो रहा है, जो ज्योतिष शास्त्र की दृष्टि से अत्यंत फलदायी माना गया है।
कैसे बनता है नवपंचम राजयोग
ज्योतिषीय गणना के अनुसार, जब शुक्र और शनि ग्रह एक-दूसरे से लगभग 120 डिग्री की दूरी पर स्थित होते हैं, तब नवपंचम राजयोग बनता है। शुक्र और शनि को मित्र ग्रह माना गया है, इसलिए इनका यह विशेष संयोजन चुनिंदा राशियों के लिए सौभाग्य के नए द्वार खोलेगा।
इन राशियों पर बरसेगी विशेष कृपा
- वृषभ राशि: इस राशि के स्वामी स्वयं शुक्र देव हैं, इसलिए यह राजयोग इनके लिए सुनहरे अवसर लेकर आएगा। अटके हुए धन की प्राप्ति होगी और नौकरी में पदोन्नति की प्रबल संभावना है। नया व्यापार शुरू करने के लिए यह समय बेहद अनुकूल है।
- मिथुन राशि: इस राशि के जातकों को भाग्य का भरपूर साथ मिलेगा। कार्यक्षेत्र में अधिकारियों से सराहना मिलेगी और नई जिम्मेदारियां सौंपी जा सकती हैं। व्यापारियों को इस दौरान जबरदस्त मुनाफा होने के योग हैं।
- कन्या राशि: कन्या राशि के लिए यह योग किसी वरदान से कम नहीं है। निवेश से भविष्य में लाभ मिलेगा और अचानक धन प्राप्ति के योग भी बन रहे हैं। वाहन या संपत्ति खरीदने की योजना सफल होगी।
- कुंभ राशि: नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को अच्छे अवसर प्राप्त होंगे। आय में वृद्धि के साथ समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा और पारिवारिक जीवन में सुख-शांति बनी रहेगी।
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