सुरक्षा को लेकर अलर्ट मोड पर तटरक्षक बल
पश्चिम एशिया में मचे संघर्ष और वहां की बिगड़ती सुरक्षा स्थिति के बीच भारत की समुद्री सीमाओं पर चौकसी बढ़ा दी गई है। भारतीय तटरक्षक बल ने एक विशेष सुरक्षा निर्देश जारी किया है, जिसके तहत समुद्र में लावारिस या अनियंत्रित होकर बहने वाले जहाजों और नावों पर पैनी नजर रखी जाएगी। तटरक्षक बल के प्रवक्ता कमांडेंट अमित उनियाल ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के चलते समुद्री हादसों या संदिग्ध जहाजों के भारतीय जलक्षेत्र में प्रवेश करने का जोखिम बढ़ गया है।
मछुआरों की भूमिका अहम
समुद्री सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए तटरक्षक बल ने मछुआरा समुदाय को अपनी 'आंख और कान' करार दिया है। समुद्र में लगातार सक्रिय रहने वाले मछुआरे किसी भी संदिग्ध वस्तु या लावारिस नाव के बारे में सबसे पहले जानकारी दे सकते हैं। तटरक्षक बल ने मछुआरों से प्राप्त सूचनाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और उन पर तत्काल कार्रवाई करने का निर्णय लिया है।
निगरानी और समन्वय के सख्त निर्देश
सुरक्षा संबंधी नए दिशानिर्देशों में कई महत्वपूर्ण कदम उठाने की बात कही गई है:
- समुद्र, वायु और इलेक्ट्रॉनिक निगरानी को पूरी तरह एकीकृत किया गया है।
- बहते हुए मलबे, खाली जहाजों और नावों की तुरंत ट्रैकिंग और जोखिम का आकलन किया जाएगा।
- नाविकों के लिए जारी होने वाली सूचनाओं और चेतावनी संकेतों की निरंतर समीक्षा की जाएगी।
- किसी भी संदिग्ध वस्तु की पुष्टि के लिए समुद्री बचाव समन्वय केंद्र (MRCC) के साथ तालमेल बिठाया जाएगा।
चक्रवात और मानसून की चुनौती
मानसून के मौसम में संभावित चक्रवात और समुद्री तूफानों को देखते हुए तटरक्षक बल पहले से ही सक्रिय है। ऑफशोर पेट्रोलिंग वेसल्स को पूरी तरह तैयार रखा गया है ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में राहत और बचाव कार्य तुरंत शुरू किए जा सकें। इसके साथ ही जीवनरक्षक उपकरणों जैसे जेमिनी बोट, लाइफबोट, लाइफबॉय और लाइफजैकेट की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सभी तटरक्षक स्टेशनों को निर्देश दे दिए गए हैं। तटरक्षक बल का मुख्य उद्देश्य समुद्र में जीवन की रक्षा करना और प्रदूषण जैसी आपदाओं को रोकना है।
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