बिहार: मानव तस्करी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, दो बच्चों की मां को राजस्थान बेचने की थी साजिश

पूर्वी चंपारण में पुलिस ने शादी और पैसों का लालच देकर महिलाओं को राजस्थान में बेचने वाले एक बड़े गिरोह को पकड़ा है। इस मामले में तीन महिलाओं समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

पिपरा कोठी पुलिस की बड़ी कार्रवाई

बिहार के पूर्वी चंपारण में मानव तस्करी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। पिपरा कोठी थाना पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो महिलाओं और लड़कियों को शादी का झांसा देकर राजस्थान में बेचने का काम करता था। पुलिस ने एक होटल में छापेमारी कर इस गिरोह के पांच सदस्यों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों में तीन महिलाएं और दो पुरुष शामिल हैं।

शादी और पैसों का लालच देकर फंसाने का खेल

गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान सुनीता पांडे, नीतू कुमारी, खातून, मुरली मेघवाल और अजय कुमार के रूप में हुई है। पूछताछ में यह खुलासा हुआ है कि ये लोग गरीब या मुसीबत में फंसी महिलाओं को निशाना बनाते थे। गिरोह के सदस्य उन्हें राजस्थान में शादी कराने और 10 हजार रुपये देने का लालच देकर अपने जाल में फंसाते थे।

पीड़िता ने सुनाई आपबीती

इस पूरे मामले की शिकार बनी संजू देवी ने बताया कि वह मोतिहारी की निवासी हैं और दो बच्चों की मां हैं। सड़क हादसे में पति की मौत के बाद वह अकेली थीं। संजू के अनुसार, गिरोह के लोगों ने उन्हें शादी का प्रलोभन दिया और एक होटल में बुलाया। वहां उन्हें पीने के पानी में नशीला पदार्थ मिलाकर बेहोश करने की कोशिश की गई ताकि उन्हें राजस्थान ले जाया जा सके। पीड़िता की मां हीरामती देवी ने बताया कि उनकी बेटी मानसिक रूप से परेशान है, जिसका फायदा उठाने की कोशिश इन तस्करों ने की।

पुलिस की सतर्कता से बची जान

पिपरा कोठी थाने के प्रभारी बृजेश सिंह ने बताया कि सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई की। पुलिस ने एक होटल में छापा मारा, जहां ये आरोपी छिपकर खाना खा रहे थे। पुलिस को देखते ही गिरोह के मंसूबे धरे के धरे रह गए और सभी को गिरफ्तार कर लिया गया। कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है और स्वीकार किया है कि वे महिलाओं को बिहार से राजस्थान ले जाने की फिराक में थे।

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