इल्हान उमर के दावे पर छिड़ा विवाद
अमेरिकी कांग्रेस की सदस्य इल्हान उमर को भारत के संदर्भ में दिए गए उनके हालिया बयानों के लिए तीखी आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। इल्हान उमर ने एक कार्यक्रम के दौरान दावा किया था कि भारत में अल्पसंख्यकों की स्थिति बेहद खराब है और देश कथित तौर पर नरसंहार के आठवें चरण से गुजर रहा है। उनके इस बयान पर भारतीय मुस्लिम महिलाओं ने मोर्चा खोल दिया है और इसे पूरी तरह से भ्रामक बताया है।
भारतीय मुस्लिम महिलाओं ने सच्चाई रखी सामने
इल्हान उमर की इन टिप्पणियों का जवाब भारतीय मुस्लिम महिलाओं ने अपने व्यक्तिगत अनुभवों के आधार पर दिया है। लेखिका अंबरीन जैदी ने सोशल मीडिया पर अपनी बात रखते हुए कहा कि उन्हें खुद यह जानकारी नहीं थी कि वह किसी ऐसे समुदाय का हिस्सा हैं, जिसका नरसंहार हो रहा है। उन्होंने बताया कि वह पूरी आजादी के साथ अपनी नौकरी करती हैं, लिखती हैं और त्योहार मनाती हैं। अंबरीन ने इल्हान उमर के दावों को वास्तविकता से कोसों दूर बताया है।
तथ्यों और आंकड़ों से प्रोपेगेंडा की पोल
एक अन्य भारतीय महिला अर्शिया मलिक ने भी इल्हान उमर के बयानों को तथ्यों से परे एक प्रोपेगेंडा करार दिया। उन्होंने जनसंख्या के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि यदि भारत में नरसंहार जैसी स्थिति होती तो आबादी में कमी आती, जबकि भारत में मुस्लिम समुदाय की आबादी लगातार बढ़ रही है। आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 1951 में मुस्लिम आबादी करीब 9.8 प्रतिशत थी, जो वर्ष 2011 की जनगणना के दौरान बढ़कर 14 प्रतिशत से अधिक हो गई है।
क्या है नरसंहार के चरण
जेनोसाइड वॉच जैसी संस्थाओं के अनुसार, किसी देश में नरसंहार की प्रक्रिया को 10 चरणों में विभाजित किया गया है। इन दावों के अनुसार आठवां चरण उत्पीड़न से संबंधित होता है, जिसमें किसी समुदाय को विस्थापित करना या उनकी संपत्ति छीनना शामिल है। हालांकि, भारतीय मुस्लिम महिलाओं का कहना है कि इल्हान उमर के दावे भारत की जमीनी हकीकत और यहाँ के करोड़ों मुसलमानों के जीवन से कहीं मेल नहीं खाते हैं। इल्हान उमर पहले भी भारत के खिलाफ अपनी टिप्पणियों के कारण चर्चाओं और विरोध में रही हैं।
https://hindi.news18.com/world/america-indian-muslims-women-expressed-strong-opposition-to-us-congresswoman-ilhan-omar-india-remarks-10593881.html