पंचांग और विशेष तिथि
23 जून 2026 को ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि है, जो शाम 4 बजकर 40 मिनट तक रहेगी। यह दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि इस दिन ज्येष्ठ माह का आठवां और अंतिम बड़ा मंगल, जिसे बुढ़वा मंगल भी कहा जाता है, मनाया जाएगा। आचार्य इंदु प्रकाश के अनुसार, इस दिन वरियान योग सुबह 10 बजकर 14 मिनट तक रहेगा। वहीं हस्त नक्षत्र दोपहर पहले 11 बजकर 54 मिनट तक प्रभावी रहेगा, जिसके बाद चित्रा नक्षत्र की शुरुआत होगी।
शुभ मुहूर्त
धार्मिक कार्यों के लिए शुभ समय का विशेष महत्व होता है। 23 जून 2026 को ब्रह्म मुहूर्त 04:37 ए एम से 05:19 ए एम तक रहेगा। इसके अतिरिक्त, अभिजित मुहूर्त 12:14 पी एम से 01:07 पी एम तक, विजय मुहूर्त 02:54 पी एम से 03:47 पी एम तक और गोधूलि मुहूर्त 07:18 पी एम से 07:39 पी एम तक निर्धारित है।
शहरों के अनुसार राहुकाल
शुभ कार्यों से बचने के लिए राहुकाल का समय जानना आवश्यक है:
- दिल्ली: दोपहर बाद 03:53 से 05:37 PM
- मुंबई: शाम 04:00 से 05:39 PM
- चंडीगढ़: दोपहर बाद 03:57 से 05:43 PM
- लखनऊ: दोपहर बाद 03:36 से 05:20 PM
- भोपाल: दोपहर बाद 03:46 से 05:27 PM
- कोलकाता: दोपहर बाद 03:01 से 04:43 PM
- अहमदाबाद: शाम 04:05 से 05:46 PM
- चेन्नई: दोपहर बाद 03:24 से 05:01 PM
सूर्योदय और सूर्यास्त
इस दिन सूर्योदय सुबह 5:23 बजे होगा और सूर्यास्त का समय शाम 7:21 बजे रहेगा।
बड़े मंगल का महत्व
ज्येष्ठ माह के प्रत्येक मंगलवार को बड़ा मंगल के रूप में मनाया जाता है। इस वर्ष ज्येष्ठ माह में अधिक मास होने के कारण कुल आठ बड़े मंगल पड़े हैं, जो एक दुर्लभ संयोग है। हनुमान जी की भक्ति के लिए बड़े मंगल का दिन बेहद फलदायी माना जाता है। भक्त इस दिन विशेष पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना करते हैं।
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