परीक्षा केंद्र पहुंचीं विधायक
मध्य प्रदेश के खंडवा में सोमवार को एक अनूठा दृश्य देखने को मिला। भारतीय जनता पार्टी की विधायक कंचन तनवे एक आम विद्यार्थी की भांति परीक्षा देने के लिए परीक्षा केंद्र पहुंचीं। उन्होंने एसएन कॉलेज में एमएसडब्ल्यू प्रथम वर्ष की परीक्षा में हिस्सा लिया। घर से निकलते समय उन्होंने परंपरा के अनुसार दही-चीनी खाई और सफलता के लिए प्रार्थना करते हुए केंद्र पहुंचीं।
सीखने की कोई उम्र नहीं
परीक्षा हॉल में विधायक को देखकर अन्य परीक्षार्थियों के बीच चर्चा का माहौल रहा। विधायक ने पूरे अनुशासन के साथ निर्धारित समय में अपना पेपर हल किया। परीक्षा के बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि शिक्षा ग्रहण करने की कोई निश्चित उम्र नहीं होती। उनके अनुसार, जनप्रतिनिधियों को भी निरंतर सीखते रहना चाहिए ताकि वे अपने क्षेत्र की जनता और समाज की समस्याओं को गहराई से समझ सकें।
शिक्षा शेरनी का दूध
शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए कंचन तनवे ने एक प्रेरक संदेश दिया। उन्होंने कहा, शिक्षा शेरनी का दूध है, जो इसे पियेगा वह दहाड़ेगा। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे नियमित रूप से पढ़ाई करें और उच्च शिक्षा हासिल करने का प्रयास करें, क्योंकि शिक्षा ही व्यक्ति को आत्मनिर्भर और जागरूक बनाने का एकमात्र जरिया है।
राजनीतिक सफर की झलक
कंचन तनवे खंडवा की आरक्षित विधानसभा सीट से विधायक हैं। वर्ष 2023 के विधानसभा चुनावों में उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के कुंदन मालवीय को 38,000 से अधिक वोटों के भारी अंतर से पराजित किया था। सक्रिय राजनीति में आने से पहले, वर्ष 2022 में उन्होंने खंडवा जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव जीता था। उनकी शैक्षिक सक्रियता और राजनीतिक सफर के किस्से अक्सर स्थानीय चर्चाओं में बने रहते हैं।
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