चंडीगढ़ हत्याकांड: कैसे पुलिस ने 2000 सीसीटीवी और इंस्टाग्राम के जरिए दबोचा जानकी दास के कातिलों को

हिमाचल प्रदेश की महिला प्रधान के पति जानकी दास की चंडीगढ़ में हुई हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। इस पूरी वारदात में शामिल तीनों शूटर्स और मुख्य साजिशकर्ता का पता पुलिस ने डिजिटल सर्विलांस और तकनीक के दम पर लगाया।

वारदात की पूरी कहानी

हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के रोहड़ू निवासी जानकी दास की चंडीगढ़ के सेक्टर 11 में निर्मम हत्या ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी थी। जानकी दास सेक्टर 11 स्थित कुमार मेडिकल स्टोर में कैशियर थे और धनास में रह रहे थे। पुलिस ने गहन जांच के बाद मामले के तीनों शूटर्स को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में खुलासा हुआ है कि मुख्य साजिशकर्ता अमित था, जो एक ऐप के माध्यम से गोल्डी ढिल्लों के सीधे संपर्क में था।

शॉपिंग से लेकर होटल तक का सफर

जांच में पता चला कि हत्या को अंजाम देने से एक दिन पहले इन तीनों शूटरों ने चंडीगढ़ के सेक्टर 23 बाजार से जमकर खरीदारी की थी। सीसीटीवी फुटेज से साफ हुआ है कि बदमाशों ने बाजार में काफी समय बिताया था।

  • बदमाशों ने करीब 11000 रुपये के जूते खरीदे।
  • इसके बाद लगभग 20000 रुपये के कपड़े खरीदे गए।
  • आरोपियों को बाइक समेत 100000 रुपये मुहैया कराए गए थे।
  • वारदात के बाद आरोपी कजेहड़ी के एक होटल में ठहरे थे।
  • कुल डेढ़ लाख रुपये देने का सौदा तय हुआ था, जिसमें से कुछ राशि उन्हें पहले ही दे दी गई थी।

ऐसे पुलिस के जाल में फंसे आरोपी

पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती शूटरों की पहचान करना थी क्योंकि वे जम्मू-कश्मीर से आए थे। पुलिस ने इस मामले में एक सोची-समझी रणनीति के तहत कार्रवाई की:

  • पुलिस की टीमों ने करीब 2000 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली।
  • टेक्निकल सेल ने डंप डेटा का विश्लेषण किया।
  • कजेहड़ी होटल के आईपी एड्रेस से अमित की इंस्टाग्राम आईडी का सुराग लगा।
  • आईडी को खंगालने पर एक फोटो मिली जिसमें पीछे जम्मू-कश्मीर नंबर की गाड़ी खड़ी थी।
  • अमित किसी और के नाम से आईडी चला रहा था, लेकिन पुलिस ने कड़ियां जोड़ते हुए सही व्यक्ति तक पहुंच हासिल की।

मुख्य साजिशकर्ता की भूमिका

जांच में सामने आया है कि अमित इस हत्याकांड का मास्टरमाइंड था। वह हत्या के वक्त सन्नी के साथ पिस्टल लेकर मौजूद था, हालांकि उसने खुद गोली नहीं चलाई। अमित ही वह कड़ी था जो गोल्डी ढिल्लों के आदेशों को फॉलो कर रहा था और सन्नी व आर्यन को चंडीगढ़ लेकर आया था। उसने ही सन्नी को जिगाना पिस्टल उपलब्ध कराई थी। अमित के खिलाफ पहले से ही जम्मू में कई मामले दर्ज हैं, वहीं सह-आरोपी सन्नी एक बेहद गरीब परिवार से ताल्लुक रखता है।

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