ईरान-अमेरिका वार्ता में फिर नाकाम हुआ पाकिस्तान, बेइज्जती झेलने को मजबूर हुए जेडी वेंस

स्विट्जरलैंड में आयोजित शांति वार्ता के दौरान ईरान के प्रतिनिधिमंडल द्वारा वॉकआउट किए जाने के बाद पाकिस्तान की मध्यस्थता की कोशिशें बुरी तरह विफल रहीं। इस घटना ने अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की मौजूदगी में पाकिस्तान को वैश्विक स्तर पर शर्मिंदा कर दिया है।

शांति वार्ता में पाकिस्तान की फजीहत

अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव को कम करने के लिए स्विट्जरलैंड के लेक ल्यूसर्न में आयोजित शिखर सम्मेलन पाकिस्तान के लिए एक और कूटनीतिक असफलता साबित हुआ है। अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थ बनने का प्रयास कर रहे पाकिस्तान को इस सम्मेलन में न केवल अपमान का सामना करना पड़ा, बल्कि उसकी विश्वसनीयता पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

ईरान का वॉकआउट और जेडी वेंस की फजीहत

इस पूरे घटनाक्रम का सबसे शर्मनाक पल तब आया जब ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची के नेतृत्व में ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने अचानक वार्ता से वॉकआउट कर दिया। सूत्रों के अनुसार, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा फॉक्स न्यूज को दिए गए उस साक्षात्कार के बाद यह तनाव बढ़ा, जिसमें उन्होंने हॉर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने पर ईरान को चेतावनी दी थी। इस स्थिति ने अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस को भी असहज कर दिया, जो पाकिस्तान की सलाह पर प्रोटोकॉल तोड़कर वार्ता स्थल पर पहले पहुंच गए थे। ईरानी दल का कैमरों के सामने वॉकआउट करना जेडी वेंस के लिए एक बड़ी कूटनीतिक शर्मिंदगी साबित हुआ।

शहबाज शरीफ की उपेक्षा

सम्मेलन के दौरान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ भी बेहद अपमानजनक स्थिति में देखे गए। जब अब्बास अरागची की मुलाकात शहबाज शरीफ से हुई, तो उम्मीद थी कि दोनों नेता एक साथ फोटो खिंचवाएंगे। हालांकि, अब्बास अरागची ने तस्वीर खिंचवाने से इनकार कर दिया, जिसने साफ संदेश दिया कि ईरान अभी भी पाकिस्तान की मध्यस्थता पर भरोसा करने को तैयार नहीं है। इसके अलावा, पाकिस्तान के गृहमंत्री और उप प्रधानमंत्री मोहसिन नकवी भी ईरानी प्रतिनिधिमंडल के साथ बातचीत करने में विफल रहे।

सेना प्रमुख की कोशिशें और मौजूदा संकट

स्थितियों को संभालने के लिए पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने भी हस्तक्षेप करने का प्रयास किया, लेकिन वार्ता को टूटने से बचाने में कोई सफलता नहीं मिली। स्विट्जरलैंड में पाकिस्तानी अधिकारियों के बीच लगातार आपातकालीन बैठकें होती रहीं, लेकिन ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ता अविश्वास किसी भी समाधान के आड़े आ गया। वर्तमान में पाकिस्तान इस बड़ी कूटनीतिक विफलता को ढंकने के लिए अमेरिका, ईरान और कतर के साथ पर्दे के पीछे से संपर्क साधने की कोशिश कर रहा है, ताकि एक संयुक्त बयान जारी किया जा सके। विशेषज्ञों का मानना है कि इस शिखर सम्मेलन से कोई ठोस नतीजा निकलने के बजाय केवल तनाव और कूटनीतिक अनिश्चितता ही हाथ लगी है।

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