मध्य प्रदेश में UCC पर गरमाई सियासत, जीतू पटवारी ने सरकार को घेरा

मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने राज्य सरकार की मंशा पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आदिवासी आबादी की संस्कृति और संवैधानिक अधिकारों के संरक्षण पर चिंता जाहिर की है।

UCC पर कांग्रेस का तीखा प्रहार

मध्य प्रदेश में समान नागरिक संहिता यानी UCC को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने राज्य सरकार द्वारा गठित समिति और इसकी कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने सरकार की आलोचना करते हुए इसे केवल एक दिखावा बताया है।

केंद्र और राज्य सरकार से पूछे सवाल

जीतू पटवारी ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि UCC एक ऐसा विषय है जो मुख्य रूप से केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र में आता है। उन्होंने मांग की है कि इसे लागू करने से पहले इसके हर पहलू का गंभीरता से अध्ययन होना चाहिए। पटवारी ने सरकार से यह भी पूछा है कि गुजरात और असम जैसे राज्यों में जहां पहले ही इसे लागू किया जा चुका है, वहां से सरकार ने अब तक क्या सबक सीखा है और उन राज्यों में इसके क्या सकारात्मक या नकारात्मक नतीजे सामने आए हैं।

आदिवासी अधिकारों की चिंता

कांग्रेस नेता ने कहा कि मध्य प्रदेश की सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान अन्य राज्यों से पूरी तरह भिन्न है। उन्होंने विशेष रूप से प्रदेश के 1 करोड़ 60 लाख आदिवासियों और स्थानीय निवासियों का जिक्र किया। पटवारी ने कहा कि उनकी अपनी अनूठी परंपराएं और सामाजिक व्यवस्थाएं हैं। सरकार को यह सुनिश्चित करना होगा कि UCC के कारण उनकी सांस्कृतिक पहचान और संवैधानिक अधिकारों पर कोई आंच न आए। जीतू पटवारी ने महंगाई और अन्य मुद्दों पर भी सरकार को आड़े हाथों लेते हुए तीखी टिप्पणी की है।

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