बोकारो का सत्खटिया जलप्रपात: मानसून में दो झरनों का अद्भुत मिलन

बोकारो और धनबाद की सीमा पर स्थित सत्खटिया वॉटरफॉल मानसून के दौरान पर्यटकों के लिए एक स्वर्ग जैसा अनुभव प्रदान करता है, जहां घने जंगलों के बीच दो झरनों का संगम देखने को मिलता है।

मानसून में निखरती है खूबसूरती

अगर आप इस बरसात के मौसम में प्रकृति की गोद में शांति से समय बिताना चाहते हैं, तो बोकारो और धनबाद की सीमा पर स्थित नागदा का सत्खटिया जलप्रपात आपके लिए एक शानदार विकल्प है। घने जंगलों और विशाल चट्टानों से घिरा यह स्थान मानसून में अपनी सुंदरता के शिखर पर होता है। बारिश के कारण जब दोनों झरनों का बहाव तेज हो जाता है, तो पूरा नजारा किसी कलाकार की जीवंत पेंटिंग जैसा प्रतीत होता है।

पर्यटकों की पसंदीदा सेल्फी लोकेशन

इस वॉटरफॉल के सामने मौजूद विशाल चट्टानें पर्यटकों के बीच बेहद लोकप्रिय हैं। यहां पहुंचने वाले युवा अक्सर इन चट्टानों पर खड़े होकर अपने यादगार पलों को कैमरे में कैद करना पसंद करते हैं। कई लोग तो यहां शाहरुख खान स्टाइल में पोज देकर सेल्फी लेना भी नहीं भूलते हैं।

क्यों पड़ा इसका नाम सत्खटिया

सत्खटिया जलप्रपात के नाम के पीछे एक बेहद दिलचस्प लोककथा प्रचलित है। स्थानीय निवासी अर्जुन महतो के मुताबिक, इस झरने के पास दामोदर नदी के तट पर एक बेहद गहरा गढ़ा है। ऐसी मान्यता है कि पुराने समय में जब इस गड्ढे की गहराई नापने का प्रयास किया गया था, तो सात खटियाओं की रस्सियों को आपस में जोड़ना पड़ा था। इसी किंवदंती के कारण इस जगह का नाम सत्खटिया वॉटरफॉल पड़ गया।

ऐसे पहुंचें और सावधानियां

सत्खटिया जलप्रपात बोकारो के तेलमच्चो ब्रिज से लगभग 4 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यहां सड़क मार्ग के जरिए आसानी से पहुंचा जा सकता है और यात्री रास्ते के लिए गूगल मैप का भी उपयोग कर सकते हैं। हालांकि, मानसून के मौसम में पर्यटकों को कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए:

  • चट्टानों पर अत्यधिक फिसलन हो सकती है, इसलिए चलते समय सावधानी बरतें।
  • झरने के तेज बहाव और गहरे पानी के करीब जाने से बचें।
  • अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता दें और बच्चों का खास ख्याल रखें।

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