मानसून के लिए लंबा इंतजार
राजस्थान जैसे सूखे और अर्ध-शुष्क प्रदेश में मानसून केवल बारिश का एक मौसम नहीं है, बल्कि यह कृषि, जल संरक्षण और पेयजल की प्रमुख जीवन रेखा है। यही कारण है कि राज्य का हर निवासी और किसान मानसून की पहली बूंदों का बेसब्री से इंतजार करता है। वर्तमान में मानसून का सिस्टम पिछले 12 दिनों से स्थिर बना हुआ है, जिससे इसकी रफ्तार धीमी पड़ गई है।
कब तक दस्तक दे सकता है मानसून
मौसम विभाग के ताजा संकेतों के अनुसार, अब सभी की निगाहें 23 से 24 जून के बीच बनने वाली मौसमी परिस्थितियों पर टिकी हैं। अगर यह तंत्र अनुकूल रहता है, तो राजस्थान में मानसून के प्रवेश का रास्ता साफ हो सकता है। फिलहाल के अनुमानों के मुताबिक मानसून के आगमन का विवरण इस प्रकार है:
- जयपुर में मानसून के 7 से 8 जुलाई तक पहुंचने की संभावना है।
- पूरे राजस्थान को कवर करने में मानसून को 10 से 12 जुलाई तक का समय लग सकता है।
कृषि और जनजीवन पर असर
मानसून की यह देरी राज्य की सिंचाई और खरीफ की फसलों के लिए काफी महत्वपूर्ण है। प्रदेश के किसान अब इस उम्मीद में हैं कि आगामी दिनों में बनने वाले बादल राज्य में अच्छी बारिश लेकर आएंगे, जिससे जल संकट की स्थिति से राहत मिल सकेगी।
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