सफलता की कहानी
बिहार लोक सेवा आयोग यानी BPSC की 70वीं परीक्षा का परिणाम 20 जून को घोषित कर दिया गया, जिसमें जमुई जिले के खैरा प्रखंड के रहने वाले सचिन ने शानदार प्रदर्शन किया है। सचिन ने 104वीं रैंक हासिल कर एसडीएम बनने का गौरव प्राप्त किया है। अपनी इस उपलब्धि तक पहुँचने के लिए उन्होंने कुल 4 प्रयास किए।
इंटरव्यू में फंसा पेंच
सचिन ने साझा किया कि साक्षात्कार के दौरान उनसे काफी चुनौतीपूर्ण सवाल पूछे गए थे। चूंकि वे पहले से ही बेगूसराय के बखरी में राजस्व अधिकारी के रूप में कार्यरत थे, इसलिए इंटरव्यू पैनल ने उनसे सीधे तौर पर पूछा, अंचल कार्यालय को भ्रष्टाचार का स्वर्ग क्यों कहा जाता है?
इस सवाल को याद करते हुए सचिन ने बताया कि वे थोड़े हैरान जरूर हुए, लेकिन उन्होंने बहुत ही संतुलित जवाब दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें इस पद पर कार्य करते हुए अभी केवल 6 महीने ही हुए हैं और वे अभी प्रशिक्षण की प्रक्रिया में हैं, इसलिए इस विषय पर उन्हें अधिक जानकारी नहीं है।
संघर्ष और प्रेरणा
सचिन की सफलता का सफर आसान नहीं था। उनके करियर के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
- पहले 2 प्रयासों में वे प्रारंभिक परीक्षा भी उत्तीर्ण नहीं कर पाए थे।
- तीसरे प्रयास में सफलता मिली और उन्होंने राजस्व अधिकारी का पद प्राप्त किया।
- इससे पहले वे लोको पायलट सहित 3 अन्य सरकारी नौकरियों में चयनित हो चुके थे, लेकिन उन्होंने उन विकल्पों को छोड़कर सिविल सेवा का सपना चुना।
- उनकी प्रेरणा का मुख्य स्रोत टीना डाबी हैं और वे भविष्य में UPSC की परीक्षा भी पास करना चाहते हैं।
https://hindi.news18.com/news/business/success-story-70th-bpsc-result-2026-fun-question-in-bpsc-interview-jamui-sachin-became-sdm-in-fourth-attempt-local18-ws-l-10590455.html