सबरीमाला तीर्थयात्रा होगी और भी सुरक्षित
विश्व प्रसिद्ध भगवान अयप्पा के सबरीमाला मंदिर में आगामी तीर्थयात्रा सीजन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह से आधुनिक बनाने की तैयारी शुरू हो चुकी है। त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड यानी TDB मंदिर परिसर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI आधारित एक उन्नत पिल्ग्रिम मैनेजमेंट सिस्टम लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। बोर्ड के अध्यक्ष के. जयकुमार ने बताया कि यह पहल विज़न सबरीमाला प्रोजेक्ट का मुख्य हिस्सा है, जिसे केरल हाई कोर्ट की मंजूरी पहले ही मिल चुकी है।
कैसे काम करेगा यह हाई-टेक सिस्टम?
ADGP मनोज अब्राहम ने इस तकनीक की कार्यप्रणाली के बारे में विस्तृत जानकारी दी। यह सिस्टम कई आधुनिक तकनीकों का संगम होगा:
- मंदिर के पूरे रास्ते में हाई-रिज़ॉल्यूशन कैमरे, इन्फ्रारेड सेंसर, ड्रोन और जीपीएस मैपिंग के जरिए तीर्थयात्रियों की हर हलचल पर नजर रखी जाएगी। सिस्टम भीड़ बढ़ने से पहले ही उसकी सटीक भविष्यवाणी करने में सक्षम होगा।
- किसी भी स्थान पर भीड़ या जाम की स्थिति बनते ही AI अधिकारियों को तुरंत अलर्ट भेजेगा। यह तकनीक बिजली गिरने या भारी बारिश जैसी आपातकालीन परिस्थितियों में भी सुरक्षा दिशा-निर्देश देने का काम करेगी।
- श्रद्धालुओं को इस तकनीक के माध्यम से लाइव अपडेट मिलेंगे, जैसे गूगल मैप्स में होता है। इससे भक्तों को पता चल सकेगा कि किस रास्ते पर कितनी भीड़ है और दर्शन के लिए उन्हें कितना समय इंतजार करना पड़ सकता है।
- इस तकनीक के इस्तेमाल से बड़ी संख्या में पुलिस कर्मियों की तैनाती की निर्भरता कम होगी और हर सीजन में भीड़ प्रबंधन का स्तर एक समान बना रहेगा।
लापता लोगों की तलाश होगी चुटकियों में
पठानमथिट्टा के जिला पुलिस प्रमुख आर. आनंद के अनुसार सुरक्षा के लिए फेशियल रिकग्निशन यानी चेहरा पहचानने वाली तकनीक का उपयोग किया जाएगा। भीड़भाड़ में यदि कोई बच्चा या बुजुर्ग खो जाता है, तो उनकी तस्वीर अपलोड करते ही कैमरा नेटवर्क के जरिए उन्हें कुछ ही मिनटों में ढूंढ लिया जाएगा। इसके साथ ही संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान करने में भी यह प्रणाली पुलिस के लिए मददगार साबित होगी।
अगस्त तक पूरा होगा काम
TDB अध्यक्ष के. जयकुमार ने बताया कि पुलिस विभाग के साथ प्रोजेक्ट के अंतिम चरण पर बातचीत जारी है। बोर्ड का लक्ष्य अगस्त माह तक सभी तकनीकी और प्रारंभिक प्रक्रियाओं को पूरा कर कार्य आवंटित करने का है ताकि आगामी सीजन में इसे लागू किया जा सके। इसके अलावा, विज़न सबरीमाला के अंतर्गत स्वच्छता और कचरा प्रबंधन पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। दुकानों और होटलों के टेंडर में कचरा प्रबंधन की शर्तें अनिवार्य होंगी ताकि तीर्थ स्थल को प्लास्टिक मुक्त बनाया जा सके।
पड़ोसी राज्यों में चलेगा जागरूकता अभियान
सबरीमाला आने वाले लगभग 75 प्रतिशत श्रद्धालु आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक और तमिलनाडु से आते हैं। इन श्रद्धालुओं को यात्रा नियमों और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने के लिए संबंधित राज्यों की स्थानीय भाषाओं में सोशल मीडिया और पत्रिकाओं के माध्यम से बड़े पैमाने पर जागरूकता अभियान चलाने की योजना है।
https://www.indiatv.in/india/national/sabarimala-temple-crowd-management-and-security-handed-over-to-ai-lost-persons-to-be-found-within-minutes-know-new-plan-2026-06-21-1226492