खेती में कामयाबी की अनोखी मिसाल
बिहार के शिवहर जिले के कटइया गांव में एक पिता-बेटी की जोड़ी ने खेती के पारंपरिक तरीकों को पीछे छोड़ते हुए अपनी किस्मत बदल ली है। Rajdeo Mahto और उनकी बेटी Sunita ने आधुनिक और वैज्ञानिक तरीके से जैविक मिश्रित खेती अपनाकर क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए एक बड़ी मिसाल कायम की है।
एक ही खेत में कई फसलों का कमाल
इस पिता-बेटी की जोड़ी ने अपने खेत के प्रबंधन में कुशलता दिखाते हुए एक साथ कई तरह की सब्जियों का उत्पादन शुरू किया है। उनके खेत में मुख्य रूप से ये सब्जियां लहलहा रही हैं:
- बीन्स
- परवल
- करेला
- बोरो
- तोरई (जिसे स्थानीय भाषा में घेवड़ा कहा जाता है)
- भिंडी
Rajdeo Mahto का कहना है कि वे अपनी खेती में पूरी तरह से जैविक खाद का उपयोग करते हैं और किसी भी तरह के रासायनिक खाद से दूर रहते हैं। इसी वैज्ञानिक और संतुलित प्रबंधन के कारण उनकी फसल की पैदावार काफी बेहतर होती है।
मुनाफे का जरिया बनी आधुनिक खेती
पिछले कई वर्षों से सब्जी उत्पादन में जुटे इस परिवार का व्यवसाय अब पूरी तरह से स्थापित हो चुका है। उनके खेतों से निकली ताजी सब्जियां रोजाना स्थानीय बाजार और प्रमुख मंडियों तक पहुंचाई जाती हैं, जहां उनकी भारी मांग बनी रहती है। सब्जी की अच्छी बिक्री के चलते उन्हें हर सीजन में शानदार आमदनी हो रही है।
अन्य किसानों के लिए बने प्रेरणा
Rajdeo Mahto और Sunita ने यह साबित कर दिखाया है कि सीमित जमीन और कम लागत में भी वैज्ञानिक तरीके अपनाकर आय को कैसे बढ़ाया जा सकता है। उनकी यह आत्मनिर्भर पहल आज पूरे क्षेत्र के किसानों के लिए प्रेरणा का केंद्र बनी हुई है। उनके इस सफल प्रयास ने यह दिखा दिया है कि पारंपरिक फसलों की तुलना में आधुनिक तरीके से की गई मिश्रित सब्जी की खेती आर्थिक रूप से काफी फायदेमंद साबित हो रही है।
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