किडनी और पोटैशियम का संबंध
स्वस्थ किडनी शरीर में मौजूद पोटैशियम जैसे मिनरल्स को आसानी से मैनेज कर लेती है। हालांकि, अगर किसी को CKD (क्रॉनिक किडनी डिजीज), डायबिटीज या हाई ब्लड प्रेशर जैसी समस्याएं हैं, तो किडनी शरीर से अतिरिक्त पोटैशियम को बाहर निकालने में संघर्ष करती है। पोटैशियम नसों, मांसपेशियों और शरीर के फ्लूइड बैलेंस के लिए जरूरी है, लेकिन किडनी की खराबी में यह खून में जमा होने लगता है।
हाइपरकलेमिया के गंभीर लक्षण
खून में पोटैशियम का स्तर बढ़ने से हाइपरकलेमिया की स्थिति पैदा होती है। इसके लक्षणों में शामिल हैं:
- शरीर में अत्यधिक थकान महसूस होना।
- हाथ-पैरों में सुन्नपन आना।
- दिल की धड़कन का अनियमित होना।
- गंभीर मामलों में हृदय संबंधी जटिलताएं।
पोटैशियम से भरपूर फूड्स से रहें सावधान
किडनी मरीजों को अपनी डाइट का चुनाव बहुत सोच-समझकर करना चाहिए। यदि आपकी किडनी ठीक से काम नहीं कर रही है, तो पोटैशियम युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन कम करना ही समझदारी है। हमेशा अपने डॉक्टर या डाइटिशियन से सलाह लेकर ही अपनी डाइट प्लान करें ताकि किसी भी प्रकार के हेल्थ रिस्क से बचा जा सके।
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