NCR के कायाकल्प की तैयारी
NCR में बढ़ती आबादी और शहरों पर बढ़ते दबाव को देखते हुए एक बड़ा बदलाव प्रस्तावित है। Regional Plan-2041 के तहत 4 नई 'नमो सिटीज' बसाने की योजना है। ये शहर 'सेमी-ग्रीनफील्ड' मॉडल पर विकसित होंगे, जहां आधुनिक सुविधाओं के साथ व्यवस्थित विकास किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य न केवल बढ़ती जनसंख्या को जगह देना है, बल्कि बेहतर जीवन और रोजगार के साधन भी उपलब्ध कराना है।
नमो भारत स्टेशनों का केंद्र
इन नई स्मार्ट सिटीज का विकास Transit-Oriented Development (TOD) मॉडल के आधार पर होगा। इनकी खासियतें इस प्रकार हैं:
- घर, दफ्तर, बाजार और अस्पताल जैसे सभी जरूरी संस्थान नमो भारत रैपिड रेल स्टेशनों के पास होंगे।
- निजी वाहनों पर निर्भरता कम होगी और ट्रैफिक व प्रदूषण में भारी कमी आएगी।
- लोगों को लंबी दूरी की यात्रा से राहत मिलेगी।
वित्तीय सहायता और निवेश
इस प्रोजेक्ट को गति देने के लिए केंद्र सरकार ने 5,000 करोड़ रुपये के प्रदर्शन-आधारित प्रोत्साहन पैकेज का प्रस्ताव रखा है। इसमें 1,000 करोड़ रुपये का अनुदान शामिल है, जबकि शेष राशि ऋण और गारंटी के रूप में दी जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे नए आर्थिक गलियारे तैयार होंगे और हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा।
विकास का नया हब
जेवर एयरपोर्ट और नमो भारत नेटवर्क का तालमेल इस क्षेत्र की तस्वीर बदलने वाला है। यमुना एक्सप्रेसवे, ग्रेटर नोएडा और YEIDA क्षेत्र पहले से ही निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। एयरपोर्ट, रेल कनेक्टिविटी और इन 4 नई सिटीज के आने से रियल एस्टेट, लॉजिस्टिक्स और सर्विस सेक्टर में निवेश की अपार संभावनाएं पैदा होंगी। हालांकि, इस पूरी योजना की सफलता राज्यों और संबंधित एजेंसियों द्वारा समय पर किए जाने वाले क्रियान्वयन पर निर्भर करेगी।
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