1 जुलाई से बदलेंगे भारतीय रेलवे के नियम, जुर्माने की राशि होगी दोगुनी

1 जुलाई, 2026 से भारतीय रेलवे में यात्रा नियमों का उल्लंघन करने पर भारी जुर्माना देना होगा। जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) अधिनियम, 2026 के तहत न्यूनतम जुर्माना अब 250 रुपये से बढ़कर 500 रुपये हो जाएगा।

1 जुलाई से लागू होगा बढ़ा हुआ जुर्माना

भारतीय रेलवे ने अपने यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने के साथ ही नियमों को सख्त बनाने का फैसला किया है। 1 जुलाई, 2026 से ट्रेन में यात्रा के दौरान नियमों का पालन न करने वाले यात्रियों को पहले से दोगुना जुर्माना भरना होगा। यह बदलाव 'जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) अधिनियम, 2026' के तहत लागू किया जा रहा है और एक नोटिफिकेशन के माध्यम से प्रभावी होगा।

रेलवे अधिनियम की धारा 137 और 138 में संशोधन

रेल मंत्रालय और PIB द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, रेलवे अधिनियम, 1989 की धाराओं में बदलाव किए गए हैं ताकि नियमों का पालन सुनिश्चित हो सके।

  • धारा 137: ट्रेन में बिना वैध टिकट या फर्जी पास के पकड़े जाने पर अब न्यूनतम 500 रुपये का जुर्माना लगेगा, जो कि पहले केवल 250 रुपये था।
  • धारा 138: यदि कोई यात्री बिना वैध टिकट के या तय स्टेशन से आगे की यात्रा करते हुए पकड़ा जाता है, तो उसे अब 500 रुपये का न्यूनतम जुर्माना देना होगा। वर्तमान में इसके लिए 250 रुपये का शुल्क लिया जाता है।

रेलवे का कहना है कि जुर्माने की राशि को दोगुना करने का मकसद राजस्व सुरक्षा को बेहतर बनाना और यात्रियों में अनुशासन सुनिश्चित करना है।

जुर्माने का गणित

नए नियमों के लागू होने के बाद, पकड़े जाने पर यात्री को टिकट का पूरा किराया और जुर्माना दोनों चुकाने होंगे। इसे एक उदाहरण से समझें:

  • प्रयागराज से वाराणसी की यात्रा का किराया यदि 200 रुपये है।
  • बिना टिकट पकड़े जाने पर 200 रुपये के किराए के साथ 500 रुपये का जुर्माना जोड़कर कुल 700 रुपये का भुगतान करना होगा।

https://www.indiatv.in/paisa/business/double-the-fine-to-be-paid-starting-july-1-railways-has-framed-strict-rules-against-violators-2026-06-20-1226390