असफलता को पछाड़कर हासिल की कामयाबी
सफलता की कहानी अक्सर संघर्ष की उन नींवों पर टिकी होती है, जिन्हें दुनिया देख नहीं पाती। 70वीं BPSC के परिणामों में Komal Sah की कामयाबी उन हजारों युवाओं के लिए मिसाल है जो बार-बार मिली असफलताओं से निराश हो जाते हैं। Komal Sah ने न केवल हार को स्वीकार करने से इनकार किया, बल्कि निरंतर मेहनत के दम पर सफलता का परचम लहराया है। उन्होंने 70वीं BPSC परीक्षा में राजस्व अधिकारी (RO) के पद के लिए चयन प्राप्त किया है। कोमल ने ओवरऑल 1720वीं और आरओ कैटेगरी में 217वीं रैंक हासिल की है।
लंबे संघर्ष की दास्तां
कोमल का सफर 2019 में शुरू हुआ और उन्हें सफलता 2026 में प्राप्त हुई। इस 7 साल की लंबी यात्रा में कोमल को कई बार निराशा का सामना करना पड़ा। उनका सफर कुछ इस प्रकार रहा:
- 65वीं और 66वीं BPSC की प्रारंभिक परीक्षा में मिली असफलता।
- 67वीं BPSC में प्री पास किया, लेकिन मुख्य परीक्षा (Mains) में नहीं हो सका चयन।
- 68वीं BPSC की प्रारंभिक परीक्षा में फिर से हाथ लगी निराशा।
- 69वीं BPSC में प्री क्लियर किया, लेकिन मेन्स की बाधा पार नहीं हो सकी।
- 70वीं BPSC के 6ठे प्रयास में पहली बार मेन्स और इंटरव्यू दोनों को क्लियर कर अधिकारी बनीं।
परिवार और पति का मिला अटूट समर्थन
अररिया के जोगबनी नगर परिषद की रहने वाली Komal Sah ने बताया कि उनकी प्रारंभिक शिक्षा जोगबनी के सैन फ्रांसिस्को इंग्लिश स्कूल और 10वीं की पढ़ाई सरस्वती विद्या मंदिर से हुई है। उन्होंने फारबिसगंज कॉलेज से ग्रेजुएशन और पूर्णिया यूनिवर्सिटी से पीजी पूरा किया है। कोमल के अनुसार, उनकी सफलता के पीछे उनके माता-पिता मिथिलेश साह और कृष्णा देवी के साथ-साथ उनके ससुराल वालों और पति विकास कुमार का बड़ा योगदान है। उन्होंने कहा कि उनके पति ने पढ़ाई के दौरान तकनीकी और प्रशासनिक जिम्मेदारियों को अपने कंधों पर ले लिया था, जिससे उन्हें अपना पूरा ध्यान लक्ष्य पर केंद्रित करने का मौका मिला।
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