इतिहास और वास्तुकला का संगम
निज़ामों के शहर हैदराबाद में एक ऐसी ऐतिहासिक धरोहर है, जो अपनी खूबसूरती के लिए जानी जाती थी लेकिन आज उपेक्षा का शिकार है। नामपल्ली और अघापुरा के करीब स्थित Ghyan Bagh Palace (जिसे Dhanrajgir Palace भी कहा जाता है) लगभग 136 साल पुरानी इमारत है। साल 1890 के आसपास निर्मित यह महल अपनी इतालवी और पैलाडियन वास्तुकला के लिए अलग पहचान रखता है। इस महल को गोसाई राजघराने के राजा Dhanrajgirji Bahadur ने बनवाया था, जो उस दौर के बड़े बैंकर और साहूकार थे।
विशाल क्षेत्र और भव्य बनावट
यह आलीशान महल करीब 30,000 वर्ग फीट के बड़े क्षेत्र में फैला हुआ है। इसकी बनावट में खास चूना-पत्थर और विदेशों से मंगवाए गए संगमरमर का इस्तेमाल किया गया था। हैदराबाद की अन्य इमारतों के मुकाबले इसकी शैली बिल्कुल अलग है, जो इसे शहर की धरोहरों में खास बनाती है।
फिल्मों से रहा है गहरा नाता
यह महल केवल अपनी वास्तुकला ही नहीं, बल्कि फिल्मों के लिए भी मशहूर रहा है। यहाँ कई यादगार दृश्य फिल्माए गए हैं:
- सत्तर के दशक की मशहूर बॉलीवुड फिल्म Mehboob Ki Mehndi, जिसमें Rajesh Khanna मुख्य भूमिका में थे।
- कालजयी तेलुगु फिल्म Mutyala Muggu के कई महत्वपूर्ण सीन इसी पैलेस में शूट हुए थे।
अस्तित्व का संकट
वर्तमान में यह महल एक निजी संपत्ति है, जिसके कारण इसके गेट अक्सर बंद रहते हैं और आम लोगों का यहां प्रवेश वर्जित है। देखरेख न होने के कारण इमारत की चमक फीकी पड़ रही है। इतिहासकारों का मानना है कि यदि प्रशासन या पुरातत्व विभाग ने इसके संरक्षण के लिए कदम नहीं उठाए, तो हैदराबाद अपनी यह नायाब स्थापत्य कला खो सकता है।
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