RSS दफ्तर हमले की जांच में बड़े खुलासे
रांची स्थित RSS कार्यालय पर 16 जून की रात हुए पेट्रोल बम हमले के मामले में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के बाद सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी जानकारी हाथ लगी है। गिरफ्तार आरोपी अमन अंसारी ने कबूल किया है कि वह पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के हैंडलर्स के सीधे संपर्क में था। जांच में ISI के कथित 'ऑपरेशन यूपी' और 'ऑपरेशन पंजाब' का जिक्र सामने आया है।
लखनऊ में होने वाली थी सीक्रेट मीटिंग
आरोपी अमन अंसारी ने बताया कि दुबई से लौटने के बाद उसे ISI के इशारे पर पंजाब भेजा गया था, जहां उसे एक 'बॉस' से मिलना था। इसके बाद उसे और उसके साथी सैफ को लखनऊ जाने के निर्देश दिए गए थे। जानकारी के मुताबिक, दोनों आरोपी ट्रेन के जरिए कानपुर होते हुए लखनऊ के लिए निकले थे, लेकिन कोडरमा में पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि लखनऊ में उनकी मुलाकात किसी स्लीपर सेल सदस्य से होने वाली थी, जहां उन्हें कोई बड़ा टास्क दिया जाना था। एजेंसियां अब इस संभावना की जांच कर रही हैं कि क्या इस मॉड्यूल का अगला निशाना अयोध्या था।
डेढ़ लाख में तय हुई थी डील
जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि RSS कार्यालय पर हमले को अंजाम देने के लिए डेढ़ लाख रुपये की डील हुई थी। इस रकम को तीनों आरोपियों में बांटा जाना था। शुरुआती तौर पर 10 हजार रुपये का भुगतान QR स्कैनर के जरिए किया गया था। अब एजेंसियां इस ट्रांजेक्शन के स्रोत का पता लगा रही हैं।
ऑडियो से खुलेगा मॉड्यूल का राज
सुरक्षा एजेंसियों ने अमन अंसारी और उसके कथित पाकिस्तानी हैंडलर 'राणा साहब' के बीच हुई बातचीत के दो ऑडियो बरामद किए हैं। इन ऑडियो क्लिप्स में किसी 'बड़े टास्क' का जिक्र है। एजेंसियां फिलहाल इन ऑडियो की फोरेंसिक जांच कर रही हैं ताकि इस पूरे मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया जा सके और लखनऊ में सक्रिय संदिग्धों तक पहुंचा जा सके।
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