जी-7 देशों की बैठक में चिंता व्यक्त की गई
जी-7 देशों के नेताओं ने हाल ही में एक बैठक में उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अपनी चिंता जाहिर की। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों के अनुसार उत्तर कोरिया के "पूर्ण परमाणु निरस्त्रीकरण" की आवश्यकता पर जोर दिया। जी-7 देशों ने उत्तर कोरिया से अपने सभी परमाणु हथियारों को नष्ट करने की प्रतिबद्धता को दोहराया।
किम यो-जोंग की प्रतिक्रिया
उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग-उन की बहन किम यो-जोंग ने गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठ रही परमाणु निरस्त्रीकरण की मांगों की तीखी आलोचना की। उन्होंने कहा कि देश के परमाणु हथियार उसके "मूल राष्ट्रीय हितों" का हिस्सा हैं और इस मुद्दे पर पीछे हटना संभव नहीं है।
परमाणु निरस्त्रीकरण की मांग को खारिज किया
उत्तर कोरिया की सरकारी समाचार एजेंसी केसीएनए के अनुसार, किम यो-जोंग ने अमेरिका और उसके सहयोगियों द्वारा परमाणु निरस्त्रीकरण की मांग को "पुरानी सोच" करार दिया। उनकी यह टिप्पणी फ्रांस के एवियन-ले-बैंस में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान जारी संयुक्त बयान के बाद आई, जिसमें जी-7 देशों ने उत्तर कोरिया के "पूर्ण परमाणु निरस्त्रीकरण" के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई थी।
किम यो-जोंग की चेतावनी
किम यो-जोंग ने जी-7 की मांग को पूरी तरह से खारिज करते हुए कहा कि परमाणु निरस्त्रीकरण का मुद्दा अब "अपरिवर्तनीय रूप से समाप्त" हो चुका है और इसे लागू नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा, "परमाणु हथियार हमारी संप्रभुता की रक्षा का सबसे शक्तिशाली साधन हैं और देश में शांति सुनिश्चित करने की आधारशिला हैं। हमारे कानून के अनुसार यह आत्मरक्षा का माध्यम है।"
गंभीर परिणामों की चेतावनी
किम यो-जोंग ने यह भी चेतावनी दी कि यदि कोई देश परमाणु शक्ति संपन्न राष्ट्र के मूल हितों को नुकसान पहुँचाने की कोशिश करेगा, तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं और वह स्वयं अपने लिए विनाश को आमंत्रित करेगा।
गौरतलब है कि डीपीआरके (डेमोक्रेटिक पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ कोरिया) उत्तर कोरिया का आधिकारिक नाम है।
https://hindi.news18.com/world/rest-of-world-north-korea-nuclear-power-kim-jong-un-sister-kim-yo-jong-threatened-g7-nations-10582683.html