रुदावल की मिट्टी में पला खास आम
राजस्थान के भरतपुर जिले में स्थित रुदावल क्षेत्र एक विशेष किस्म के आम की खेती के लिए तेजी से प्रसिद्ध हो रहा है, जिसे स्थानीय लोग 'ककड़ी आम' के नाम से जानते हैं। इस किस्म की सबसे बड़ी खूबी इसका अनोखा खट्टा-मीठा स्वाद है, जो इसे बाजार में अलग पहचान दिलाता है।
जलवायु और मिट्टी का अनुकूल संयोग
विशेषज्ञों के अनुसार रुदावल की स्थानीय जलवायु और यहाँ की उपजाऊ मिट्टी ककड़ी आम की खेती के लिए प्रकृति का वरदान साबित हुई है। इन्हीं अनुकूल परिस्थितियों के कारण इस क्षेत्र में बड़े पैमाने पर इस किस्म का उत्पादन संभव हो पाया है।
अचार निर्माण में बढ़ती उपयोगिता
ककड़ी आम केवल खाने तक सीमित नहीं है, बल्कि अचार बनाने में भी इसका व्यापक उपयोग होता है। इसका विशिष्ट स्वाद अचार को एक अलग ही जायका देता है, जिसकी वजह से घरेलू उपयोग के साथ-साथ व्यावसायिक मांग भी लगातार बढ़ रही है।
गर्मियों में उछलती है मांग
हर साल गर्मी का मौसम आते ही ककड़ी आम की मांग में उल्लेखनीय तेजी आ जाती है। रुदावल के स्थानीय बाजारों के अलावा आसपास के जिलों और क्षेत्रों में भी इस आम की लोकप्रियता धीरे-धीरे गहरी होती जा रही है।
किसानों के लिए मुनाफे का सौदा
ककड़ी आम की खेती में सबसे आकर्षक पहलू यह है कि इसमें उत्पादन लागत अपेक्षाकृत कम आती है और बदले में किसानों को बेहतर मुनाफा मिलता है। यही कारण है कि यह फसल धीरे-धीरे स्थानीय कृषकों की आय का एक महत्वपूर्ण और भरोसेमंद स्रोत बन चुकी है।
क्षेत्रीय कृषि को मिल रही नई दिशा
ककड़ी आम की बढ़ती सफलता ने रुदावल क्षेत्र की कृषि अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा दी है। किसानों में इस फसल के प्रति बढ़ता रुझान और बाजार में इसकी स्वीकार्यता यह संकेत देती है कि आने वाले समय में यह आम पूरे क्षेत्र की कृषि पहचान का प्रतीक बन सकता है।
https://hindi.news18.com/videos/agriculture/bharatpurs-kakdi-mango-famous-for-its-unique-tangy-sweet-taste-local18-10580933.html