मानसून की रफ्तार थमी, 18 जून से नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय — 3 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

भारत मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक दक्षिण पश्चिम मानसून की गति फिलहाल थम गई है और 23 जून को यह कई राज्यों में आगे बढ़ सकता है। इस बीच 18 जून से एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर पश्चिम भारत को प्रभावित करने लगेगा।

मानसून की प्रगति पर लगी रोक

भारत मौसम विज्ञान विभाग ने बताया है कि दक्षिण पश्चिम मानसून की रफ्तार इन दिनों थम गई है। अनुमान है कि आगामी 23 जून को मानसून तेलंगाना, उड़ीसा, झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में प्रवेश कर सकता है। पश्चिम बंगाल, सिक्किम और बिहार में मानसून पहले ही दस्तक दे चुका है और इन प्रदेशों में जोरदार वर्षा की संभावना बनी हुई है। दूसरी ओर मध्य प्रदेश, विदर्भ और तेलंगाना में 21 जून तक लू का प्रकोप जारी रह सकता है। जैसे-जैसे मानसून इन क्षेत्रों में पहुंचेगा, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मध्य प्रदेश में हीटवेव का असर कम होता जाएगा।

पिछले 24 घंटों में बारिश और वज्रपात

बीते 24 घंटों में पश्चिम बंगाल, असम, अरुणाचल प्रदेश और केरल में भारी वर्षा दर्ज की गई। बंगाल, पूर्वी राजस्थान, पश्चिम मध्य प्रदेश, उड़ीसा और मिजोरम में आंधी के साथ वज्रपात भी हुआ। इसके अलावा पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिमी राजस्थान, ओडिशा, मध्य प्रदेश, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा, विदर्भ, झारखंड, छत्तीसगढ़, पंजाब और अंडमान निकोबार आइलैंड में भी बिजली गिरने की घटनाएं सामने आई हैं।

तापमान का हाल

  • उत्तर तमिलनाडु से लक्षद्वीप तक के क्षेत्र में 18 जून से एक नए पश्चिमी विक्षोभ का असर उत्तर पश्चिम भारत पर दिखने लगेगा। मध्य भारत में 19 जून तक दिन का अधिकतम तापमान 2 से 3 डिग्री तक बढ़ सकता है, इसके बाद तापमान में बड़ा बदलाव नहीं होगा।
  • पूर्वी भारत में 18 जून तक अधिकतम तापमान लगभग स्थिर रहेगा, लेकिन उसके बाद 21 जून तक 2 से 3 डिग्री की गिरावट आ सकती है और फिर तापमान में ज्यादा उतार-चढ़ाव नहीं होगा।
  • महाराष्ट्र में 19 जून तक अधिकतम तापमान 2 डिग्री तक ऊपर जा सकता है और उसके बाद 2 से 3 डिग्री तक नीचे आने का अनुमान है।

इन राज्यों में अलर्ट जारी

पश्चिम बंगाल, असम, मेघालय और केरल में अत्यंत भारी वर्षा की चेतावनी जारी की गई है। बिहार, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और तमिलनाडु में भी भारी बारिश के आसार हैं। हिमाचल प्रदेश में ओलावृष्टि की आशंका जताई गई है। पश्चिमी राजस्थान में तेज आंधी चलने की संभावना है। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, विदर्भ, छत्तीसगढ़, उड़ीसा, मध्य महाराष्ट्र और तेलंगाना में लू का अलर्ट जारी किया गया है। गोवा, आंध्र प्रदेश और बंगाल में उमस भरी गर्मी बनी रह सकती है।

पूर्वी राज्यों में भारी बारिश के संकेत

आने वाले दिनों में भी पश्चिम बंगाल, असम और मेघालय में अत्यधिक वर्षा का दौर जारी रहने की संभावना है। बिहार, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, तमिलनाडु और केरल में भारी बारिश हो सकती है। जम्मू कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में ओलावृष्टि की आशंका बनी रहेगी। देश के मध्यवर्ती भाग में लू का असर मानसून के आगमन तक बना रह सकता है और राजस्थान में तेज हवाएं व आंधी का क्रम जारी रहेगा।

राजस्थान में बारिश और आंधी का दौर

पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से राजस्थान के अनेक हिस्सों में बारिश और आंधी का सिलसिला अगले कुछ दिनों तक बने रहने का पूर्वानुमान है। मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार बीकानेर, जयपुर, भरतपुर, अजमेर, कोटा और जोधपुर संभाग के कुछ हिस्सों में आगामी दो से तीन दिनों तक बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। इस अवधि में 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने की संभावना है। साथ ही गुरुवार से उत्तर पश्चिम भारत में एक नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के आसार हैं।

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