आपके जिले की बदलेगी तस्वीर: सीएम योगी के सामने रखे गए 41,229 करोड़ रुपये के 4204 विकास प्रस्ताव, इसी महीने मिलेगी मंजूरी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ मंडल के बीजेपी विधायकों और पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की, जिसमें 41,229 करोड़ रुपये की लागत वाली 4204 विकास परियोजनाओं पर मंथन हुआ। सीएम ने जून के अंत तक अधिकतम योजनाओं को मंजूरी देकर काम शुरू कराने के निर्देश दिए।

उत्तर प्रदेश में विकास की रफ्तार को और तेज करने की कवायद शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ मंडल के बीजेपी विधायकों और लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों के साथ एक अहम समीक्षा बैठक की। इस बैठक में सड़कों, पुलों और दूसरे निर्माण कार्यों को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।

देरी और लापरवाही पर सख्त रुख

बैठक में मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि विकास कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही या ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर किसी परियोजना में अनावश्यक देरी होती है तो इसके लिए संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।

41,229 करोड़ के 4204 प्रस्ताव

बैठक में जानकारी दी गई कि लखनऊ मंडल के विभिन्न जिलों और विकासखंडों से करीब 41,229 करोड़ रुपये की लागत वाले 4,204 विकास प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन प्रस्तावों की शीघ्र समीक्षा कर कार्ययोजना शासन को भेजी जाए, जिससे काम समय पर शुरू हो सके।

सीएम योगी ने कहा कि जून महीने के अंत तक अधिक से अधिक परियोजनाओं को मंजूरी देकर उन पर काम चालू करा दिया जाए।

जनप्रतिनिधियों की राय को तरजीह

मुख्यमंत्री ने कहा कि विधायक और अन्य जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्र की जरूरतों को बेहतर समझते हैं, इसलिए उनके सुझावों को गंभीरता से लिया जाए और उनकी प्राथमिकताओं के आधार पर योजनाओं को आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि सभी कार्य तय समय सीमा के भीतर और बेहतर गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं।

उन्होंने यह भी कहा कि जिन परियोजनाओं पर काम शुरू होना है, उनका शिलान्यास और भूमिपूजन स्थानीय जनप्रतिनिधियों के हाथों कराया जाए, ताकि लोगों को विकास कार्यों की जानकारी मिले और जनता का जुड़ाव बढ़े।

प्रभावित लोगों के हित और पुनर्वास

बैठक में परियोजनाओं से प्रभावित होने वाले लोगों के हितों पर भी विचार हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर किसी परियोजना के कारण किसी व्यक्ति को अपनी जमीन या मकान छोड़ना पड़े तो उसका उचित पुनर्वास सुनिश्चित किया जाए और नियमों के अनुसार मुआवजा भी दिया जाए।

इंफ्रास्ट्रक्चर को बताया विकास की रीढ़

मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि बेहतर सड़कें, मजबूत पुल और आधुनिक बुनियादी ढांचा प्रदेश के विकास की रीढ़ हैं। उन्होंने निर्देश दिया कि हर परियोजना की नियमित निगरानी की जाए और यह तय किया जाए कि जनता को इसका लाभ जल्द से जल्द मिले। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार जनता की जरूरतों और जनप्रतिनिधियों के सुझावों को प्राथमिकता देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

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