विदेश घूमने का सपना बिना वीजा-फीस के होगा पूरा, भारत से सटा भूटान का ये शहर देता है अनोखा मौका

पश्चिम बंगाल के जयगांव से सटे भूटानी शहर फुएंत्शोलिंग में भारतीय नागरिक बिना पासपोर्ट और वीजा के सिर्फ वोटर आईडी दिखाकर 24 घंटे का परमिट लेकर घूम सकते हैं। हालांकि देश के अंदरूनी हिस्सों थिम्पू या पारो जाने के लिए शुल्क और परमिट जरूरी होते हैं।

गर्मी की छुट्टियों में विदेश घूमने की चाहत तो है, लेकिन पासपोर्ट और वीजा की लंबी प्रक्रिया से बचना चाहते हैं, तो भूटान आपके लिए बेहतरीन विकल्प साबित हो सकता है। भारत की सीमा से नेपाल और भूटान दोनों देश सटे हुए हैं। भूटान बेहद खूबसूरत, शांत और स्वच्छ देश माना जाता है। यह उन गिने-चुने देशों में शुमार है जो कार्बन-नेगेटिव हैं, यानी यहां कार्बन उत्सर्जन की तुलना में कहीं ज्यादा ऑक्सीजन पैदा होती है। पश्चिम बंगाल का छोटा-सा शहर जयगांव सीधे भूटान की सीमा से जुड़ा है। यहां के लोग सुबह काम के लिए भूटान जाते हैं और शाम ढलते ही वापस भारत लौट आते हैं। जयगांव और भूटानी शहर फुएंत्शोलिंग के बीच सिर्फ एक दीवार का फासला है।

सबसे खास बात यह है कि जयगांव से भूटान जाने के लिए न तो पासपोर्ट चाहिए और न ही वीजा। आपको बस अपना वोटर आईडी कार्ड दिखाना होता है, जिसके बाद भूटान सरकार का इमिग्रेशन विभाग आपको एक दिन का परमिट जारी कर देता है। यदि आप यहां जाने की योजना बना रहे हैं तो याद रखें कि भूटान में आधार कार्ड या पासपोर्ट मान्य नहीं हैं, यहां वोटर आईडी कार्ड और बच्चों के लिए बर्थ सर्टिफिकेट मांगा जाता है।

भारत से सबसे करीब बसा भूटान का शहर

वैसे तो भूटान में लंबे समय तक ठहरने के लिए हर रात के हिसाब से सस्टेनेबल डेवलपमेंट फीस चुकानी पड़ती है, लेकिन जब आप केवल 24 घंटे के लिए भूटान में प्रवेश करते हैं तो यह सुविधा बिना किसी शुल्क के मिल जाती है। हालांकि ऐसे यात्री सिर्फ फुंशोलिंग शहर तक ही जा सकते हैं। देश के भीतरी हिस्सों में जाने के लिए अलग से परमिट लेना अनिवार्य होता है।

बेहद मनमोहक है भूटान का फुंशोलिंग

भूटान की धरती पर कदम रखते ही आपको असली विदेश जैसा एहसास होने लगता है। यहां न सड़कों पर गंदगी नजर आती है, न ट्रैफिक जाम मिलता है और न ही कोई बेवजह हॉर्न बजाता दिखता है। फुंशोलिंग में दाखिल होते ही सबसे पहले बाजार पड़ता है, जहां किफायती दामों में अल्कोहल उपलब्ध रहता है। यहां बेहतरीन कैफे, शानदार गिफ्ट आइटम की दुकानें और भूटान का मशहूर खानपान आसानी से मिल जाता है।

फुंशोलिंग में घूमने लायक जगहें

इस शहर में घूमने के लिए तीन से चार प्रमुख स्थान हैं, जिनमें पहाड़ी पर बनी दो बेहद शांत मोनेस्ट्री शामिल हैं। इसके अलावा यहां एक हैंगिंग ब्रिज भी है, जहां का अनुभव बिल्कुल अलग होता है। शहर की एकदम साफ-सुथरी सड़कें, शांत वातावरण और निराली संस्कृति आपको खासी आकर्षित करेगी। शाम होते ही लोग अपने घरों की ओर लौटने लगते हैं और बाजार चहल-पहल से भर जाते हैं। यहां जेब्रा क्रॉसिंग पर गाड़ियां बिना किसी शोर के रुक जाती हैं और लोगों के सड़क पार करने का धैर्य से इंतजार करती हैं।

थिम्पू या पारो जाने के लिए परमिट और शुल्क

अगर आप भूटान में रुककर इस देश को नजदीक से देखना और समझना चाहते हैं, तो भारतीय नागरिकों को प्रति व्यक्ति प्रति रात 1,200 रुपये का सतत विकास शुल्क (SDF) देना होता है। 6 साल से 12 साल तक के बच्चों के लिए यह शुल्क 600 रुपये प्रति रात है। भूटान के अंदर आपको वहीं की टैक्सी लेनी पड़ती है और हर दिन के लिए गाइड रखना भी जरूरी होता है। यदि आप निजी गाड़ी लेकर भूटान जाते हैं तो 4,500 रुपये प्रति दिन का ग्रीन टैक्स देना पड़ सकता है।

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