आगरा का यह प्राचीन संस्थान, जिसे आगरा कॉलेज के नाम से जाना जाता है, अपने आप में कई दिलचस्प किस्से समेटे हुए है। इसने अभिनेताओं से लेकर बड़े राजनेताओं तक को शिक्षा दी है और इसे उत्तर भारत का सबसे पुराना कॉलेज माना जाता है। कोलकाता के प्रेसिडेंसी विश्वविद्यालय के बाद यही वह संस्थान है जो उत्तर भारत में उच्च शिक्षा के मामले में सबसे पुराना है। ब्रिटिश काल में आधुनिक शिक्षा प्रणाली की नींव रखने के मकसद से इसकी शुरुआत हुई थी और तब से अब तक यहाँ अनेक बदलाव देखे जा चुके हैं।
स्थापना और शुरुआती दौर
इस कॉलेज की नींव महान संस्कृत विद्वान पंडित गंगाधर शास्त्री ने रखी थी। आजादी से पहले सन 1823 में इसकी स्थापना हुई और शुरुआती दिनों में यह एक सरकारी स्कूल या कॉलेज के रूप में संचालित होता था। इतिहासकारों के मुताबिक इस संस्थान ने सन 1857 के स्वतंत्रता संग्राम और आधुनिक भारत के उदय को अपनी आँखों से देखा है।
स्वतंत्रता आंदोलन के दौर में कॉलेज के छात्रों ने बाल गंगाधर तिलक की ट्रेन को आगरा कैंट स्टेशन पर रोक लिया था। इसके बाद कॉलेज परिसर में एक विशाल मंच सजाया गया, जहाँ तिलक ने छात्रों को संबोधित किया।
दूर-दूर तक फैली कानून संकाय की ख्याति
इतिहासकारों के अनुसार आगरा कॉलेज का कानून संकाय भारत के सबसे पुराने और बेहतरीन लॉ संकायों में गिना जाता है। इसकी प्रतिष्ठा इतनी अधिक थी कि यहाँ पढ़ने के लिए पेशावर, कराची और मद्रास तक से छात्र आते थे। इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि एक दौर में इस कॉलेज की पहचान कितनी बड़ी रही होगी।
विश्वविद्यालयों से जुड़ाव
इतिहासकार बताते हैं कि मूल रूप से यह कॉलेज सन 1887 से वर्ष 1926 तक इलाहाबाद विश्वविद्यालय से संबद्ध रहा। सन 1927 में जब आगरा विश्वविद्यालय की स्थापना हुई, तब आगरा कॉलेज समेत कुल केवल 14 कॉलेज ही इसके अधीन आते थे। इस विश्वविद्यालय का क्षेत्राधिकार गुजरात से लेकर पश्चिम बंगाल तक फैला हुआ था, जो इसकी व्यापक प्रतिष्ठा को दर्शाता है। बाद में यह कॉलेज सन 1927 में डॉ. भीमराव अंबेडकर यूनिवर्सिटी से अटैच हुआ।
अभिनेता और नेता राज बब्बर की पढ़ाई
इस कॉलेज से पढ़े कई लोग आगे चलकर अपने-अपने क्षेत्रों में बड़ा नाम बने। इन्हीं में से एक हैं मशहूर अभिनेता और नेता राज बब्बर, जिन्होंने इसी प्राचीन आगरा कॉलेज से स्नातक यानी ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की। इतिहासकारों के अनुसार राज बब्बर ने सन 1970 में यहाँ दाखिला लिया था। कॉलेज के दिनों में ही उनका रुझान रंगमंच की ओर हो गया, जिसके बाद उन्होंने दिल्ली के प्रतिष्ठित नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (NSD) में प्रवेश लिया और 1975 में वहाँ से उत्तीर्ण हुए।
पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह
कॉलेज ने देश को कई बड़े नेता भी दिए हैं। भारत के पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह ने भी आगरा कॉलेज से ही शिक्षा हासिल की थी। इतिहासकार बताते हैं कि उन्होंने यहीं से अपनी बीएससी (B.Sc.) और वकालत (LLB) की पढ़ाई पूरी की। किसानों के मसीहा कहे जाने वाले चौधरी चरण सिंह शुरू से ही शिक्षा को लेकर बेहद गंभीर और ईमानदार थे और अपने हर काम को पूरी शिद्दत से करते थे। कॉलेज के प्रोफेसरों को इस बात पर गर्व है कि वे ऐसे संस्थान से जुड़े हैं जहाँ से कई महान हस्तियों ने पढ़ाई की।
दो-दो राष्ट्रपतियों की कर्मस्थली
आगरा कॉलेज ने देश को दो राष्ट्रपति दिए हैं, जो आगरा के लिए बेहद गर्व की बात है। इतिहासकारों के मुताबिक भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. शंकर दयाल शर्मा और पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने आगरा कॉलेज और आगरा विश्वविद्यालय से अपनी पढ़ाई पूरी की। पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने इसी कॉलेज से कानून (विधि स्नातक – LLB) की पढ़ाई की और इसके बाद दिल्ली हाई कोर्ट तथा सुप्रीम कोर्ट में वकालत के लिए आगे बढ़े।
आज की पहचान
कॉलेज के प्रोफेसर राजपाल सिंह का कहना है कि आगरा कॉलेज का इतिहास बेहद प्राचीन है और इसकी शुरुआत ब्रिटिश काल में हुई थी। यहाँ से कई महान व्यक्तियों ने शिक्षा पाई, जिन्होंने आगे चलकर देश का नाम रोशन किया। उन्होंने कहा कि इस कॉलेज का हिस्सा होना गर्व की बात है और यहाँ पढ़ने वाला हर छात्र खुद को गौरवान्वित महसूस करता है। प्रोफेसर के अनुसार समय-समय पर इस संस्थान में कई बदलाव हुए हैं और वर्तमान में यह कॉलेज अपनी आधुनिक शिक्षा के लिए जाना जाता है।
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