NEET री-एग्जाम से ठीक पहले टेलीग्राम पर अस्थाई पाबंदी, 22 जून तक नहीं चलेगा प्लेटफॉर्म

पेपर लीक की आशंका को देखते हुए सरकार ने NEET-UG 2026 की दोबारा परीक्षा से पहले टेलीग्राम पर अस्थाई रोक लगा दी है, जो 22 जून तक प्रभावी रहेगी। यह दोबारा परीक्षा 21 जून को होनी है।

जैसा कि सबको मालूम है, 3 मई 2026 को आयोजित NEET-UG की परीक्षा पेपर लीक हो जाने के चलते रद्द कर दी गई थी। अब इसी परीक्षा को देश में दोबारा कराया जा रहा है, जिसकी तारीख 21 जून तय की गई है। इस बार किसी तरह का पेपर लीक न हो, इसे सुनिश्चित करने के लिए सरकार पुख्ता इंतजाम कर रही है। इसी कड़ी में एक अहम कदम उठाते हुए टेलीग्राम पर अस्थाई रोक लगा दी गई है। यह पाबंदी 22 जून तक जारी रहेगी, यानी दोबारा परीक्षा संपन्न होने तक उपयोगकर्ता इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे। इस फैसले को लेकर एनटीए ने एक प्रेस रिलीज भी जारी की है।

एनटीए की प्रेस रिलीज में क्या कहा गया

सरकार की ओर से लगाई गई यह रोक कुछ दिनों की है और परीक्षा संपन्न होने के बाद हट जाएगी। इसका सीधा अर्थ यह है कि 22 जून तक टेलीग्राम तक पहुंच संभव नहीं होगी। एनटीए की जारी प्रेस रिलीज में लिखा गया है, 'राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) भारत में टेलीग्राम प्लेटफॉर्म के संबंध में आज जारी किए गए निर्देशों का स्वागत करती है। NTA की सिफारिशों पर जारी किए गए ये निर्देश तय समय के हिसाब से हैं। इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट, 2000 के सेक्शन 69A के तहत एक निर्देश, जो 22 जून 2026 को खत्म होने वाले एक तय और सीमित समय के लिए भारत में टेलीग्राम प्लेटफॉर्म के एक्सेस पर रोक लगाता है, जिसमें NEET (UG) 2026 के दोबारा एग्जाम का दिन और उसके तुरंत बाद की घटनाएं शामिल हैं।'

प्रेस रिलीज में आगे कहा गया है, 'इसके अलावा एक निर्देश जिसके तहत प्लेटफॉर्म को भारत में, पहले से पोस्ट किए गए मैसेज के लिए मैसेज-एडिटिंग फीचर को 30 जून 2026 को खत्म होने वाले एक तय समय के लिए बंद करना होगा, जिसमें उस खास स्ट्रक्चरल फीचर के बारे में बताया गया है जिसके ज़रिए प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल नेशनल एग्जाम के मामले में घटना के बाद "पेपर लीक" के सबूत बनाने के लिए किया गया है।'

पब्लिक ऑर्डर के हित में उठाया गया कदम

एनटीए ने अपनी प्रेस रिलीज में आगे स्पष्ट किया है कि, 'ये दोनों कदम पब्लिक ऑर्डर के हित में उठाए गए हैं क्योंकि 21 जून 2026 को होने वाले NEET (UG) 2026 के दोबारा एग्जाम में बैठने वाले कैंडिडेट्स को धोखा देने के लिए चीटिंग रैकेट्स प्लेटफॉर्म का ऑर्गनाइज़्ड इस्तेमाल कर रहे थे। NTA, स्टूडेंट्स के हित में समय पर की गई इस कार्रवाई के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स और इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी मंत्रालय का शुक्रिया अदा करता है, जिससे NTA को 21 जून 2026 को सेफ और सिक्योर एग्जाम कराने में काफी मदद मिलेगी।'

री-एग्जाम को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती

21 जून को प्रस्तावित NEET की दोबारा परीक्षा को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी गई है। इस मामले में दाखिल जनहित याचिका पर 17 जून को भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच सुनवाई करेगी। याचिका में दलील दी गई है कि कथित पेपर लीक और परीक्षा में हुई अनियमितताओं के आधार पर पूरे देश के करीब 22 लाख अभ्यर्थियों के लिए 21 जून को पुनर्परीक्षा कराने का निर्णय मनमाना, असंगत और संविधान के मूल सिद्धांतों के विपरीत है।

यह याचिका डॉ. मंगला कोहली ने दाखिल की है। उन्होंने अदालत से नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के उस फैसले को रद्द करने का अनुरोध किया है, जिसके तहत NEET-UG 2026 को दोबारा कराने की घोषणा की गई थी। याचिकाकर्ता का तर्क है कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई जरूर होनी चाहिए, लेकिन लाखों निर्दोष विद्यार्थियों को सामूहिक रूप से दंड नहीं दिया जा सकता।

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