शेयर बाजार में ऑनलाइन ब्रोकिंग सुविधा शुरू होने के बाद से गांव-देहात में बैठे लोग भी आसानी से अपनी पूंजी लगाकर मुनाफा कमाने लगे हैं. युवाओं के लिए तो यह कमाई का एक अतिरिक्त जरिया बन चुका है. अब यही सुविधा देश की सीमाओं के पार तक पहुंचने जा रही है, यानी भारतीय निवेशक गांव में बैठे-बैठे ही अमेरिका, यूरोप और एशिया के बड़े बाजारों में निवेश कर सकेंगे.
इसके लिए किसी अलग प्लेटफॉर्म या विशेष तरीके की जरूरत नहीं पड़ेगी. आज लगभग हर निवेशक और युवा के मोबाइल में जिरोधा, ग्रो, एंजल वन या अपस्टॉक्स जैसे ऐप मौजूद हैं, जिनके जरिये वे शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड और दूसरे विकल्पों में पैसा लगाते हैं. अब इन्हीं प्लेटफॉर्म को गिफ्ट सिटी के माध्यम से इंटरनेशनल और अमेरिकी स्टॉक में निवेश कराने की अनुमति मिल गई है. इसकी पुष्टि इंटरनेशनल फाइनेंशियल सर्विस सेंटर अथॉरिटी (IFSCA) ने भी कर दी है.
इंटरनेशनल बाजार की जरूरत क्यों पड़ी
पिछले दिनों ग्लोबल शेयर बाजार में आई तेजी के चलते भारतीय निवेश प्लेटफॉर्म्स को भी वहां निवेश की जरूरत महसूस हुई. ग्लोबल ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म जैसे क्वाइनसाइड्स (Coincides) ने स्पेसएक्स आईपीओ समेत एआई ऑप्शन के जरिये 4 ट्रिलियन डॉलर का निवेश आकर्षित किया. इसमें एंथ्रोपिक और ओपनएआई जैसे इस साल के अंत में आने वाले आईपीओ के विकल्प भी शामिल हैं. धन नाम से प्लेटफॉर्म चलाने वाली रेज सिक्योरिटीज ने भी पिछले सप्ताह अमेरिकी स्टॉक में निवेश का प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है.
तीन महीने में होगा लॉन्च
गिफ्ट सिटी में फाइनेंशियल प्रोडक्ट, सर्विस और संस्थाओं के विकास तथा नियंत्रण का काम IFSCA ही देखता है. सूत्रों के मुताबिक दो से तीन महीने के भीतर यह सेवा शुरू कर दी जाएगी. इस अवधि में तकनीक, टेस्टिंग और नियामकीय प्रक्रिया को पूरा किया जाएगा.
पिछले साल अगस्त महीने में गिफ्ट सिटी ने ग्लोबल एक्सेस प्रोवाइडर (GAP) के रूप में रजिस्ट्रेशन कराया था. इसका उद्देश्य निवेशकों को विदेशी बाजार में एक सुरक्षित और किफायती रास्ते से निवेश का विकल्प देना था. गैप के जरिये जब निवेशक अपना पैसा वापस देश में लाते हैं तो उन्हें कोई विड्रॉल कॉस्ट भी नहीं चुकानी पड़ती.
कैसे काम करेंगे भारतीय प्लेटफॉर्म
विदेशी बाजार में निवेश के लिए जिरोधा और अपस्टॉक्स ब्रोकर और डीलर की भूमिका निभाएंगे, जबकि ग्रो और एंजल वन ग्लोबल एक्सेस प्रोवाइडर के तौर पर काम करेंगे.
जिरोधा और अपस्टॉक्स विदेशी बाजार में निवेश के लिए फॉरेन क्लीयरिंग फर्म व्यूट्रेड इंटरनेशनल, इंटरेक्टिव ब्रोकर्स और अल्पसा सिक्योरिटीज की मदद लेंगे और इन्हीं के माध्यम से भारतीय निवेशकों का पैसा लगाएंगे. इनमें से अभी तक केवल व्यूट्रेड को ही गैप का अप्रूवल मिला है. हालांकि इंटरैक्टिव ब्रोकर्स और अल्पसा भी जल्द ही अपने प्रोडक्ट लॉन्च करने वाले हैं.
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