झारखंड की राजधानी रांची में कुछ ऐसी कॉलोनियां बसी हैं, जिन्हें देखकर लगता है कि इन्हें बेहद इत्मीनान और सोच-समझकर बसाया गया है। सड़क से लेकर पार्क, जिम और क्लब तक हर चीज अपनी जगह पर एकदम सटीक है और चारों ओर शांति का माहौल है। इस सूची में सबसे पहले सेल सिटी कॉलोनी का नाम आता है। इसके अलावा धुर्वा के कई सेक्टर वाली कॉलोनियां और वृंदावन कॉलोनी भी इसी कतार में शामिल हैं।
वृंदावन कॉलोनी: पहाड़ों की तलहटी में बसा सुकून
वृंदावन कॉलोनी की खूबसूरती देखते ही बनती है। यहां प्रवेश करते ही पीछे की ओर पहाड़ों का मनोरम नजारा दिखाई देता है। पहाड़ों की तलहटी पर बसी यह कॉलोनी बेहद आकर्षक है, जहां लोग सुबह और शाम सुंदर दृश्यों के बीच टहलने निकलते हैं। चारों ओर ऐसी हरियाली और शांति है कि सुकून पाने के लिए लोगों को कहीं और जाने की जरूरत नहीं पड़ती।
कॉलोनी के भीतर ही हर सुविधा
इस कॉलोनी में रहने वालों के लिए खास बात यह है कि एटीएम से लेकर बाजार और जिम तक हर चीज कॉलोनी के अंदर ही उपलब्ध है, यानी वॉकिंग डिस्टेंस में ही सारी जरूरतें पूरी हो जाती हैं। यही वजह है कि आज भी कई लोग इस कॉलोनी में अपना घर बसाने का सपना संजोए हुए हैं। यहां आने पर आपको कई मकान निर्माणाधीन भी दिखाई देंगे।
धुर्वा सेक्टर: जंगल के बीच बसा घर
इसके बाद बारी आती है धुर्वा के कई सेक्टरों की। यहां ऐसा महसूस होता है मानो घर जंगल के बीच में बसे हों। घरों के चारों तरफ इतने पेड़-पौधे और हरियाली है कि आज के दौर में ऐसा नजारा देखना दुर्लभ हो गया है। चूंकि इसे सरकार ने बसाया है, इसलिए यह काफी सुनियोजित है। यहां भी क्लब से लेकर हॉस्पिटल तक हर सुविधा मौजूद है।
धुर्वा डैम का मनमोहक नजारा
इतना ही नहीं, यहां धुर्वा डैम भी देखने को मिलता है। शाम के समय लोग यहां टहलने के लिए आते हैं और इसका दृश्य इतना मनमोहक है कि सिर्फ इवनिंग वॉक के लिए ही लोग स्कूटी से 15 किलोमीटर दूर से यहां पहुंचते हैं।
सेल सिटी कॉलोनी: हरियाली के बीच डीपीएस स्कूल
इसके अलावा आप सेल सिटी कॉलोनी भी जा सकते हैं। इस कॉलोनी के भीतर डीपीएस स्कूल भी मौजूद है। हरियाली के बीच बसी यह कॉलोनी शांति और सुकून के लिहाज से एकदम परफेक्ट मानी जाती है।
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