अब टकराव नहीं, सुलह! अमेरिका-ईरान समझौते पर पीएम मोदी की प्रतिक्रिया, जानें क्या कहा

अमेरिका और ईरान के बीच टकराव थमने और शांति समझौते की घोषणा का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वागत किया है। दोनों देश 19 जून को जेनेवा में डील पर हस्ताक्षर करेंगे।

दुनिया के सामने खड़ी एक बड़ी चुनौती अब समाप्ति की ओर बढ़ती दिख रही है। अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा टकराव रुक गया है और दोनों देशों ने आपसी समझौते का ऐलान कर दिया है। व्हाइट हाउस से उठता सफेद धुआं देखा गया, जो परंपरा के अनुसार इस बात की पुष्टि माना जाता है कि शांति समझौते पर मुहर लग चुकी है। इस घटनाक्रम पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी और समझौते का स्वागत किया।

पीएम मोदी ने क्या लिखा

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच X पर लिखा, ''मैं पश्चिम एशिया में संघर्ष को खत्म करने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच बनी सहमति का स्वागत करता हूं। इस संघर्ष के कारण दुनिया भर में गंभीर आर्थिक उथल-पुथल हुई है और कई देशों में जान-माल का नुकसान हुआ है।''

उन्होंने आगे लिखा, ''भारत को उम्मीद है कि इस सहमति को लागू करने से क्षेत्र में शांति और स्थिरता बहाल करने में मदद मिलेगी और आवाजाही व व्यापार की स्वतंत्रता सुनिश्चित होगी। हम उम्मीद करते हैं कि बाकी मुद्दों पर बातचीत से एक टिकाऊ और अंतिम समझौता हो सकेगा।''

ट्रंप का दावा

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर लिखा कि ईरान के साथ समझौता हो चुका है। ईरान ने भी बयान जारी कर बताया कि अमेरिका के साथ कई महीनों तक चली लंबी और कठिन बातचीत के बाद दोनों देशों ने सीजफायर के MoU को अंतिम रूप दे दिया है। ट्रम्प ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा खोला जाएगा। उन्होंने ईरानी बंदरगाहों पर लगी अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी तुरंत हटाने की मंजूरी भी दे दी है। दोनों देश कुल 14 शर्तों पर सहमत हुए हैं और 19 जून को स्विट्जरलैंड के जेनेवा में पीस डील पर हस्ताक्षर करेंगे।

47 साल में पहली हाई लेवल मीटिंग

गौरतलब है कि अगर जेनेवा में यह समझौता हुआ तो 47 साल में तेहरान और वॉशिंगटन के बीच यह पहली उच्च स्तरीय बैठक होगी। ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने कहा कि शांति समझौते को बनाए रखने के लिए अमेरिका को सबसे पहले तीन प्रमुख कदम उठाने होंगे — नौसैनिक नाकेबंदी समाप्त की जाए, युद्ध और सभी सैन्य कार्रवाइयां रोकी जाएं, तथा ईरान के फ्रीज्ड फंड रिलीज किए जाएं।

तेल पर पाबंदियां हटें और नाकेबंदी खत्म हो

इस बीच ईरानी मीडिया ने अमेरिका के साथ हुई डील की 14 शर्तों से जुड़ी खबरें प्रसारित की हैं। इन रिपोर्टों के अनुसार, इन 14 शर्तों के तहत अंतिम बातचीत तब तक शुरू नहीं होगी, जब तक 12 अरब डॉलर जारी नहीं हो जाते, तेल पर लगी पाबंदियां नहीं हटतीं और नाकेबंदी समाप्त नहीं हो जाती।

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