फरीदाबाद के लिए क्यों खास है 16 जून? ज्येष्ठ का सातवां बड़ा मंगलवार और दक्षिण दिशा का योग

16 जून को पड़ने वाला ज्येष्ठ माह का सातवां बड़ा मंगलवार हनुमान भक्तों के लिए विशेष है। महंत कामेश्वरानंद वेदांताचार्य के अनुसार इस दिन सिंदूर-चोला, केसर भात, गुड़-चना और नारियल अर्पित करने से सुख-समृद्धि, रक्षा और बाधाओं से मुक्ति का आशीर्वाद मिलता है।

हरियाणा के फरीदाबाद के लोगों के लिए 16 जून का दिन बेहद महत्वपूर्ण बताया जा रहा है। ज्येष्ठ माह में पड़ने वाला यह सातवां बड़ा मंगलवार हनुमान भक्तों के लिए खास माना जा रहा है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा और पूरे विधि-विधान से बजरंगबली की उपासना करने पर जीवन की कठिनाइयां दूर होती हैं और घर में सुख, शांति तथा समृद्धि का वास होता है।

दक्षिण दिशा और फरीदाबाद का जुड़ाव

इस अवसर को फरीदाबाद की भौगोलिक स्थिति से भी जोड़कर देखा जा रहा है। महंत कामेश्वरानंद वेदांताचार्य के अनुसार फरीदाबाद दक्षिण दिशा की ओर बसा शहर है और विद्वानों की मान्यता है कि दक्षिण दिशा में स्थित नगर संपन्न और उन्नतिशील होते हैं।

उनका कहना है कि जिस तरह दक्षिणी दिल्ली और दक्षिण भारत को समृद्धि से जोड़कर देखा जाता है, उसी तरह फरीदाबाद पर भी हनुमान जी की विशेष कृपा मानी जाती है। दक्षिणमुखी हनुमान जी की आराधना खासतौर पर फलदायी मानी गई है, इसलिए शहरवासियों को इस बड़े मंगलवार पर विशेष पूजा-अर्चना करनी चाहिए।

पूजा की विधि

महंत कामेश्वरानंद वेदांताचार्य बताते हैं कि मंगलवार की सुबह स्नान के बाद लाल, केसरिया या संतरी रंग के वस्त्र धारण करने चाहिए। इसके बाद हनुमान मंदिर जाकर चमेली के तेल और सिंदूर से चोला अर्पित करना चाहिए। उनके अनुसार हनुमान जी की कृपा से व्यक्ति को बल, बुद्धि और विद्या की प्राप्ति होती है तथा जीवन के दुख, कष्ट और क्लेश भी मिटते हैं। इस दिन की गई पूजा से धन-संपत्ति में भी बढ़ोतरी मानी जाती है।

भोग और चढ़ावा

महंत के अनुसार मंगलवार के दिन हनुमान जी को केसर भात का भोग लगाना अत्यंत शुभ होता है। इसके लिए लंबे बासमती चावल से मीठे चावल बनाकर उनमें केसर मिलाई जाती है। उनका मानना है कि केसर भात अर्पित करने से जीवन में आने वाली विपत्तियों का नाश होता है। इसके साथ ही गुड़ और चने का भोग लगाने से बाधाओं से मुक्ति मिलती है और रुके हुए कार्य पूरे होने लगते हैं।

वे बताते हैं कि इस सातवें बड़े मंगलवार पर एक नारियल लेकर उस पर धागा लपेटकर हनुमान जी को अर्पित करना चाहिए। इससे पूरे परिवार की रक्षा होती है और घर के सदस्यों पर आने वाले संकट दूर होते हैं। शत्रुओं और विरोधियों से बचाव के लिए पान का बेड़ा भी अवश्य चढ़ाना चाहिए।

पाठ और दीपक का महत्व

महंत कामेश्वरानंद वेदांताचार्य का कहना है कि इस दिन हनुमान चालीसा, बजरंग बाण और सुंदरकांड का पाठ करना बेहद शुभ माना जाता है। घी या चमेली के तेल का दीपक जलाने से घर में सुख-शांति बनी रहती है और आर्थिक उन्नति के रास्ते खुलते हैं। वे यह भी कहते हैं कि कलयुग में हनुमान जी को साक्षात जागृत देवता माना गया है, इसलिए श्रद्धा और विश्वास के साथ की गई पूजा का विशेष फल मिलता है।

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