‘मैं गेट खोलने ही वाला था और सिर पर सटाकर दाग दीं गोलियां’ — शिमला में स्कूल संचालिका की हत्या का चश्मदीद

शिमला के सरस्वती पैराडाइज इंटरनेशनल स्कूल की संचालिका मनीषा मित्तल की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई। वारदात के 24 घंटे बाद भी आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं, जिससे शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

हिमाचल प्रदेश के शिमला शहर में शनिवार शाम एक निजी स्कूल की महिला संचालिका की भरे-पूरे इलाके में गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस सनसनीखेज वारदात के 24 घंटे बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। आरोपियों का अब तक कोई सुराग न मिल पाने से शिमला में कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।

चश्मदीद की जुबानी वारदात का मंजर

इस हत्याकांड का एक चश्मदीद भी सामने आया है। कुल्लू के निरमंड के रहने वाले सुरक्षा गार्ड यशपाल घटना के वक्त मौके पर ही मौजूद थे। उन्होंने बताया कि जब मनीषा मित्तल गेट खोलने के लिए आगे बढ़ रही थीं, तभी नकाब पहने दो युवक वहां पहुंच गए। दोनों नीचे की ओर से ऊपर आए थे और पूरी घटना गेट के बाहर ही हुई, जबकि वह खुद गेट के अंदर थे।

यशपाल के मुताबिक हमलावर दो थे और उन्होंने तीन से चार गोलियां चलाईं। उन्होंने बताया कि उन्होंने महज दो महीने पहले ही यहां नौकरी शुरू की थी, इसलिए उन्हें ज्यादा जानकारी नहीं है। उनका कहना है कि आरोपी गेट के बाहर की तरफ से आए थे और अगर वे स्कूल के भीतर से आते तो जरूर नजर आ जाते।

आरोपी पहले से तैयार थे और उन्होंने सिर पर बंदूक सटाकर गोलियां दागीं।

यशपाल ने यह भी बताया कि मैडम से उनकी ज्यादा बातचीत नहीं हुई थी। किसी लड़ाई-झगड़े से जुड़े सवाल पर उन्होंने जानकारी न होने की बात कही।

कौन थीं मनीषा मित्तल

शिमला के संजौली स्थित भट्टाकुफर के सरस्वती पैराडाइज इंटरनेशनल स्कूल की संचालिका मनीषा मित्तल मूल रूप से हरियाणा के रोहतक की रहने वाली थीं और उनकी शादी रेवाड़ी में हुई थी। स्कूल में हिस्सेदारी को लेकर उनका अपने भाई के साथ विवाद चल रहा था। पिछले कुछ महीनों से वह स्कूल परिसर में ही रह रही थीं।

पहले ही जता चुकी थीं हत्या की आशंका

मनीषा मित्तल ने अपनी हत्या की आशंका जताते हुए पुलिस से सुरक्षा की मांग की थी। उन्होंने कई बार सोशल मीडिया के जरिए भी अपनी बात रखी थी। चार अप्रैल को उन्होंने पत्रकारवार्ता कर 112 हेल्पलाइन नंबर और पुलिस से सुरक्षा मुहैया कराने की गुहार लगाई थी।

2020 से चल रहा है स्कूल विवाद

सरस्वती पैराडाइज स्कूल को लेकर विवाद वर्ष 2020 से जारी है। 20 सितंबर 2024 को इसी सिलसिले में विरोध प्रदर्शन हुआ था, जब छात्रों और अभिभावकों ने राजभवन तक मार्च निकाला था। इस दौरान राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर स्कूल में प्रशासन नियुक्त करने की मांग उठाई गई थी।

पुलिस की कार्रवाई

शिमला के एसपी गौरव सिंह ने प्रेस रिलीज में बताया था कि आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस ने कई टीमें गठित की हैं।

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