भारतीय तीरंदाजी के लिए गर्व का पल लेकर आए धीरज बोम्मादेवरा और 17 वर्षीय कुमकुम मोहोद ने अपने शानदार प्रदर्शन से नया इतिहास लिख दिया है। इस उभरती हुई भारतीय जोड़ी ने तीरंदाजी विश्व कप के तीसरे चरण की रिकर्व मिश्रित टीम स्पर्धा के फाइनल में दमदार खेल दिखाते हुए खिताब पर कब्जा जमाया।
ओलंपिक चैंपियन को दी शिकस्त
खिताबी मुकाबले में भारतीय जोड़ी का सामना ओलंपिक चैंपियन दक्षिण कोरिया से था, जिसे दुनिया की सबसे मजबूत टीमों में गिना जाता है। इसके बावजूद धीरज और कुमकुम ने बेहद आत्मविश्वास के साथ खेलते हुए कोरियाई जोड़ी ओह ये जिन और किम जे देओक को 5-1 से पराजित कर दिया और स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
आखिरी तीरों पर परफेक्ट निशाना
मुकाबले के निर्णायक क्षणों में धीरज ने अपनी नसों पर पूरा नियंत्रण रखते हुए आखिरी दो तीरों पर परफेक्ट 10 का स्कोर किया। उनके इस सटीक निशाने ने भारत की जीत को पूरी तरह पक्का कर दिया और कोरियाई चुनौती को समाप्त कर दिया।
दोनों के लिए पहला विश्व कप स्वर्ण
मिश्रित टीम स्पर्धा में यह सफलता खास इसलिए भी है क्योंकि यह धीरज और कुमकुम दोनों का इस वर्ग में पहला विश्व कप स्वर्ण पदक है। कम उम्र में मिली इस उपलब्धि ने भारतीय तीरंदाजी के उज्ज्वल भविष्य की ओर भी इशारा कर दिया है।
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