सुदीप बंद्योपाध्याय का ममता बनर्जी को झटका, बागी गुट में शामिल; भूपेंद्र यादव से मिले

तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय बागी खेमे में शामिल हो गए हैं और उन्होंने दिल्ली में केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात की। पार्टी के भीतर असंतोष के बीच 19 सांसदों ने अलग गुट बनाने की तैयारी कर ली है।

कोलकाता/नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल की सियासत में तृणमूल कांग्रेस के भीतर का संकट लगातार गहराता जा रहा है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय के बागी खेमे का दामन थामने और दिल्ली में केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात करने के बाद राजनीतिक सरगर्मियां और तेज हो गई हैं। सूत्रों का कहना है कि इसी दौरान टीएमसी सांसद शताब्दी रॉय भी दिल्ली में मौजूद थीं और उन्होंने भी भूपेंद्र यादव के आवास पहुंचकर उनसे भेंट की। यह पूरा सिलसिला ऐसे वक्त सामने आया है जब पार्टी के भीतर नाराजगी खुलकर जाहिर होने लगी है।

19 सांसदों ने अलग गुट बनाने की कर ली तैयारी

बागी गुट के सांसद जगदीश चंद्र बर्मा बसुनिया का दावा है कि उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को एक ज्ञापन सौंप दिया है और सोमवार को वे औपचारिक तौर पर अपने अलग गुट को मान्यता देने की मांग रखेंगे। उन्होंने कहा, 'हमने पत्र दे दिया है। सोमवार को लोकसभा अध्यक्ष से मिलकर हम अपने असली टीएमसी संसदीय दल के गठन का दावा रखेंगे और उसकी मान्यता मांगेंगे।' बागी खेमे के अनुसार, इस प्रस्ताव पर 19 सांसदों के हस्ताक्षर हो चुके हैं और 20 सांसद दिल्ली पहुंचकर आगे की रणनीति पर मंथन कर सकते हैं।

तीन सांसदों के इस्तीफे से बढ़ी मुश्किलें

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद पार्टी के भीतर संगठनात्मक तनाव बढ़ गया है। टीएमसी के 28 लोकसभा सांसदों और 13 राज्यसभा सांसदों में से अब तक 3 सांसद इस्तीफा दे चुके हैं, जिससे पार्टी की दिक्कतें और गहरा गई हैं। दूसरी ओर, टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने बागी गुट के दावों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि संविधान के 91वें संशोधन (2003) के बाद किसी भी तरह के अलग विभाजन या अलग गुट को कानूनी मान्यता नहीं दी जा सकती।

कुणाल घोष ने उठाई हस्ताक्षरों की जांच की मांग

टीएमसी नेता कुणाल घोष ने मांग रखी है कि सोशल मीडिया पर घूम रहे हस्ताक्षरों का लोकसभा सचिवालय के रिकॉर्ड से मिलान कर उनकी सच्चाई परखी जाए। बागी खेमे की ओर से जिन सांसदों के हस्ताक्षर बताए जा रहे हैं, उनमें ये नाम शामिल हैं: काकोली घोष दस्तीदार, शताब्दी रॉय, बापी हलदर, शर्मिला सरकार, प्रसून बंद्योपाध्याय, जगदीश चंद्र बर्मा बसुनिया, असित कुमार मल, अरूप चक्रवर्ती, रचना बनर्जी, सायोनी घोष, खलीलुर रहमान, अबू ताहेर खान, यूसुफ पठान, मिताली बाग, माला रॉय, कालिपद सोरेन, दीपक अधिकारी, जून मालिया और पार्थ भौमिक।

कीर्ति आजाद का 'ऑपरेशन लोटस' का आरोप

टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद ने भारतीय जनता पार्टी पर 'ऑपरेशन लोटस' के जरिए सांसदों और विधायकों को तोड़ने की कोशिश का आरोप मढ़ा है। उन्होंने कहा कि यह अभियान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के निर्देशन में चलाया जा रहा है, मगर अब तक कामयाब नहीं हो पाया है। हाल की कुछ गतिविधियों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि यह सारा घटनाक्रम एक सोची-समझी राजनीतिक चाल का हिस्सा है। इसी सिलसिले में उन्होंने प्रकाश चिक बराइक, बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे और मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से जुड़ी कुछ मुलाकातों का भी उल्लेख किया।

https://www.indiatv.in/india/politics/sudip-bandyopadhyay-joins-tmc-rebel-camp-giving-another-big-jolt-to-mamata-meets-bhupender-yadav-2026-06-13-1224904