एलजी के निर्देश पर दिल्ली पुलिस का नया फरमान, अब सड़कों पर बढ़ेगी पुलिस की मौजूदगी

उपराज्यपाल सरदार टीएस संधू के निर्देशों के बाद दिल्ली पुलिस कमिश्नर ने सर्कुलर जारी कर अधिकारियों को मैदान में ज्यादा समय बिताने और लोगों से सीधे संवाद करने को कहा है। सप्ताह में चार दिन शाम 5 से रात 8 बजे तक संयुक्त फुट पेट्रोलिंग होगी।

नई दिल्ली: दिल्ली के उपराज्यपाल सरदार टीएस संधू के निर्देशों के बाद दिल्ली पुलिस ने राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने, जमीनी स्तर पर अपनी मौजूदगी बढ़ाने और ट्रैफिक प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। पुलिस आयुक्त की ओर से जारी सर्कुलर में वरिष्ठ अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को अधिक समय फील्ड में बिताने तथा आम लोगों से प्रत्यक्ष बातचीत करने के लिए कहा गया है।

सप्ताह में चार दिन होगी संयुक्त फुट पेट्रोलिंग

नए निर्देशों के मुताबिक जिला पुलिस और ट्रैफिक पुलिस के अधिकारी हर शनिवार और रविवार के साथ-साथ सप्ताह में 2 अन्य दिन भी मिलकर संयुक्त फुट पेट्रोलिंग करेंगे। यह पेट्रोलिंग शाम 5 बजे से रात 8 बजे तक चलेगी। बाकी 2 दिन कौन से होंगे, यह संबंधित डीसीपी अपने क्षेत्र के संयुक्त पुलिस आयुक्त (रेंज) से चर्चा करके तय करेंगे। पुलिस का कहना है कि इस कदम का मकसद सड़कों पर पुलिस की दिखती मौजूदगी बढ़ाना, लोगों से सीधा संवाद कायम करना, ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारना और स्थानीय दिक्कतों का मौके पर ही निपटारा करना है।

शाम 5 से 8 बजे तक नहीं रखी जाएंगी बैठकें

सर्कुलर के अनुसार शाम 5 बजे से 8 बजे के बीच पुलिस अधिकारियों की कोई बैठक, कॉन्फ्रेंस, कार्यालयी कामकाज या समीक्षा बैठक यथासंभव नहीं रखी जाएगी। इस पूरे समय का इस्तेमाल सिर्फ फील्ड ड्यूटी, जनता से बातचीत, निगरानी और मौके पर समस्याओं के समाधान के लिए किया जाएगा। इस दौरान जिला पुलिस और ट्रैफिक यूनिट के डीसीपी, अतिरिक्त डीसीपी तथा एसीपी स्तर के अधिकारी मैदान में मौजूद रहेंगे। इसे महज औपचारिकता नहीं, बल्कि अनिवार्य फील्ड ड्यूटी माना जाएगा।

सार्वजनिक स्थानों पर रहेगा विशेष ध्यान

फुट पेट्रोलिंग के दौरान अधिकारी व्यापारियों, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों (RWA), मार्केट ट्रेडर्स एसोसिएशनों (MTA/MWA), स्थानीय निवासियों और आम लोगों से सीधे संवाद करेंगे। इसके साथ ही अधिकारियों को इन कार्यों पर खास तौर पर ध्यान देने को कहा गया है:

  1. अस्थायी अतिक्रमण और सड़क अवरोध हटाना।
  2. ट्रैफिक जाम वाले स्थानों की पहचान कर समाधान करना।
  3. वाहनों की सुचारु आवाजाही सुनिश्चित करना।
  4. अवैध पार्किंग और सड़कों के गलत इस्तेमाल के खिलाफ कार्रवाई।
  5. संवेदनशील क्षेत्रों, बाजारों, सार्वजनिक स्थानों और भीड़भाड़ वाले इलाकों का निरीक्षण।
  6. जरूरत पड़ने पर संबंधित विभागों और नागरिक एजेंसियों के साथ तालमेल बैठाकर समस्या का तुरंत समाधान।

हर पेट्रोलिंग का रखा जाएगा रिकॉर्ड

दिल्ली पुलिस ने यह भी निर्देश दिया है कि हर फुट पेट्रोलिंग का अलग रिकॉर्ड तैयार किया जाए। इसमें पेट्रोलिंग की तारीख और समय, इसमें शामिल अधिकारियों के नाम, कवर किए गए इलाके तथा जिन व्यापारियों, RWA और नागरिकों से बातचीत हुई, उनका ब्योरा दर्ज होगा। इसके अलावा BNS, BNSS, दिल्ली पुलिस अधिनियम और अन्य स्थानीय कानूनों के तहत की गई कार्रवाई, हटाए गए अतिक्रमण, अवैध पार्किंग पर कार्रवाई, ट्रैफिक बाधाओं की पहचान व उनके समाधान तथा लंबित मामलों का भी उल्लेख करना होगा।

लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई

सर्कुलर के मुताबिक सभी जिला और ट्रैफिक इकाइयों को हर सोमवार अपनी साप्ताहिक अनुपालन रिपोर्ट विशेष पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था), जोन और ट्रैफिक प्रबंधन प्रभाग को भेजनी होगी। संयुक्त पेट्रोलिंग और की गई कार्रवाई की फोटो तथा वीडियो रिकॉर्डिंग भी तैयार कर रिपोर्ट के साथ जोड़ी जाएगी। पुलिस ने साफ कर दिया है कि निर्देशों के पालन में किसी भी तरह की लापरवाही, वरिष्ठ अधिकारियों की गैर-भागीदारी, औपचारिक रवैये या समय पर रिपोर्ट जमा न करने को गंभीरता से लिया जाएगा।

एलजी संधू लंबे समय से देते रहे हैं जोर

गौरतलब है कि उपराज्यपाल सरदार टीएस संधू लगातार यह कहते रहे हैं कि सड़कों पर पुलिस की दिखने वाली, सक्रिय और लोगों से संवाद करने वाली व्यवस्था अपराध और ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन को रोकने का सबसे कारगर तरीका है। इसी सोच के तहत इस सप्ताह उपराज्यपाल की पुलिस आयुक्त और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हुई बैठक के बाद ये नए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

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