उत्तर प्रदेश का आजमगढ़ जिला एक बार फिर चर्चा में है, मगर इस बार वजह बेहद चौंकाने वाली है। जनपद में प्रतिबंधित वन्य जीव की तस्करी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां लालच और तंत्र-मंत्र के काले कारोबार के लिए बेजुबान जानवरों की जान का सौदा किया जा रहा था। वन विभाग और वन्य जीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो की संयुक्त टीम ने एक निजी होटल पर छापा मारा, जहां बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित पशु अवशेष मिले।
छापेमारी में बरामद हुए करोड़ों के दुर्लभ अवशेष
वन विभाग की टीम की इस कार्रवाई में दुर्लभ मॉनिटर लिजार्ड (गोह) के 24 सूखे 'हेमीपेनिस' बरामद हुए, जिनकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में करोड़ों की कीमत बताई जा रही है। मामले में दो आरोपियों को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ के दौरान तस्करों ने इन प्रतिबंधित पशु अवशेषों की अवैध खरीद-फरोख्त की बात स्वीकार करते हुए जो खुलासे किए, वे रोंगटे खड़े कर देने वाले हैं।
जानकारी के अनुसार इन दुर्लभ अंगों, जिन्हें 'हत्थाजोड़ी' कहा जाता है, का कथित तौर पर तांत्रिक क्रियाओं, वशीकरण और अन्य कई तरह के टोटकों में इस्तेमाल किया जाना था।
अंधविश्वास के बाजार में भारी मांग
तांत्रिक मान्यताओं और अंधविश्वास के इस बाजार में 'हत्थाजोड़ी' की भारी मांग रहती है, यही वजह है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसकी कीमत करोड़ों में आंकी जाती है। रातों-रात अमीर बनने की चाह में इन बेजुबान जीवों का बेरहमी से शिकार कर उनके अंगों की कथित रूप से तस्करी की जा रही थी।
देहरादून से मिली थी अहम जानकारी
मिली जानकारी के मुताबिक वन विभाग को इस बड़े नेटवर्क का इनपुट देहरादून से मिला था। इसके अनुसार जनपद के सिधारी थाना क्षेत्र स्थित एक निजी होटल के कमरा नंबर 209 में प्रतिबंधित वन्यजीव अंगों की एक बड़ी अंतरराष्ट्रीय डील होने वाली थी। सूचना पुख्ता होते ही वन विभाग की टीम ने होटल में अचानक छापा मारा। कमरे की सघन तलाशी के दौरान टीम को दुर्लभ मॉनिटर लिजार्ड (गोह) के 24 सूखे हेमीपेनिस मिले।
दो आरोपी गिरफ्तार, भेजे गए जेल
मौके से ही दिल्ली निवासी अजय प्रताप सिंह और मऊ निवासी दिलीप राय को गिरफ्तार कर लिया गया। वन विभाग ने दोनों आरोपियों के खिलाफ वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 की सुसंगत धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
इस मामले में जानकारी देते हुए डीएफओ आजमगढ़ आकांक्षा जैन ने बताया कि सूचना के आधार पर जनपद के एक निजी होटल में प्रतिबंधित वन्य जीवों की तस्करी की जानकारी मिली थी। उपलब्ध इनपुट के आधार पर वन विभाग की टीम ने छापेमारी की, जिसके दौरान प्रतिबंधित मॉनिटर लिजार्ड के 24 हथजोड़े बरामद किए गए।
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